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Question
वायुमंडल की संरचना का चित्र खींचें और व्याख्या करें।
Answer in Brief
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Solution
रासायनिक संघटन के आधार पर वायुमंडल दो विस्तृत परतों हेमोस्फेयर तथा हेट्रोस्फेयर में विभक्त है। हेमोस्फेयर 90 कि.मी. की ऊँचाई तक स्थित है। यह रासायनिक संघटन में एक समानता की विशेषता रखती है। इसकी तीन तापीय परते हैं

क्षोभमंडल, समतापमंडल तथा मध्यमंडल। हेट्रोस्फेयर का रासायनिक संघटन असमान है। इसमें क्रमश: नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हिलीयम तथा हाइड्रोजन की परतदार संरचनाएँ हैं। तापमान की स्थिति के अनुसार वायुमंडल को पाँच विभिन्न संस्तरों में बाँटा गया है। ये हैं क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, आयनमंडल तथा बाह्यमंडल।
- क्षोभमंडल – वायुमंडल की इस परत में प्रत्येक 165 मीटर की ऊँचाई पर 1° सेंटीग्रेट तापमान घटता जाता है। मौसम संबंधी सभी तरह के परिवर्तन इसी मंडल में होते हैं।
- समतापमंडल – अक्सर जैट वायुयान निम्न समतापमंडल में उड़ते हैं, क्योंकि ये परत उड़ान के लिए अत्यंत सुविधाजनक दशाएँ रखती है। ओजोन परत समतापमंडल में ही स्थित है जो सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों को रोकती है।
- मध्यमंडल – इस परत में ऊँचाई के साथ तापमान कम होने लगता है और 80 से 90 कि.मी. की ऊँचाई पर अर्थात मध्यसीमा पर -110° सेल्सियस तक कम हो जाता है।
- आयनमंडल – बाह्यमंडल के निम्न भाग में 80 से 400 कि.मी. के बीच की ऊँचाई पर वायुमंडलीय गैसों का आयनीकरण हो जाता है। इन आयनीकृत कणों का सर्वाधिक संकेंद्रण 250 कि.मी. की ऊँचाई पर है। इसी मंडल में रेडियो तरंगें परावर्तित होती हैं। रेडियो तरंगों के माध्यम से ही दूरदर्शन, रेडियो, मोबाइल फोन, इंटरनेट आदि को देख और सुन सकते हैं।
- बाह्यमंडल – यह वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है तथा इसके बारे में बहुत कम जानकारी है। इस मंडल में हवा का घनत्व नगण्य रह जाता है।
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वायुमंडल की संरचना
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