Advertisements
Advertisements
Question
वाक्य शुद्धीकरण :
मानव व्यक्तीत्व के सामन ही उसका वाणी का निर्माण दोहरा होता है।
Advertisements
Solution
मानव व्यक्तित्व के समान ही उसकी वाणी का निर्माण दोहरा होता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
प्रेरणा और ताकद बनकर परस्पर विकास मे सहभागी बनें।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए :
दिलीप अपने माँ-बाप की इकलौती संतान थी ।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए : [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
करामत अली गाय अपनी घर लाई।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए : [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
उसने गाय की पीठ पर डंडे बरसाने नहीं चाहिए थी।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए : [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
निम्नलिखित वाक्य में व्याकरण नियम के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए: [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
बरसों बाद पंडित जी को मित्र का दर्शन हुआ।
वाक्य शुद्धीकरण :
बरामदा तालीया से गूँज उठी।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए।
मैंने फीर चूप रहना ही उचित समझा।
वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।
एक दीन श्याम का वक्त था।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध कर फिर से लिखिए।
गुप्ता जी की कमरा शायद बगल में हैं।
