Advertisements
Advertisements
प्रश्न
वाक्य शुद्धीकरण :
मानव व्यक्तीत्व के सामन ही उसका वाणी का निर्माण दोहरा होता है।
Advertisements
उत्तर
मानव व्यक्तित्व के समान ही उसकी वाणी का निर्माण दोहरा होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
कहाँ खो गई है आप।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए : [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
घर में तख्ते के रखे जाने का आवाज आता है।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए : [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
बूढ़े लोग लड़के और कुछ स्त्रियाँ कुएँ पर पानी भर रहे थे।
निम्नलिखित वाक्य को व्याकरण नियमों के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए: [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं।]
सामने शेर देखकर यात्री का प्राण मानो मुरझा गया।
वाक्य शुद्धीकरण:
एक बार झरोका का और देखकर वह लंबा सास लेती है।
वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
हमारी सामाजिक विचारधारा से बड़ी भारी दोष है।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
बरामदा तालीया से गूँज उठी।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।
सत्य की मारग सरल हैं।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए।
भाई-बहन की रिस्ता अनूठा होती हैं।
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
यहाँ स्वभाविक रूप से सवाल उठता है की इस्तेमाल में आने वाले इन यौगिकों का आखिर होता क्या है।
