Advertisements
Advertisements
Question
उत्तर लिखिए :
| द्वितीय तथा चतुर्थ चरण की मात्राएँ _____ हैं। |
← | नित नूतन मंगल पुरमाही। निमिष सरिसदिन-जामिनि जाहीं।। बड़े भोर भूपति मणिजागे। जाचक गुनगन गावन लागे।। |
→ | यह ____ छंद है। |
Advertisements
Solution
| द्वितीय तथा चतुर्थ चरण की मात्राएँ 16 - 16 हैं। |
← | नित नूतन मंगल पुरमाही। निमिष सरिसदिन-जामिनि जाहीं।। बड़े भोर भूपति मणिजागे। जाचक गुनगन गावन लागे।। |
→ | यह चौपाई छंद है। |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :
मनुष्य
पाठों में आए हुए उपसर्ग और प्रत्ययवाले शब्द ढूँढ़ो तथा उनके उपसर्ग/प्रत्यय अलग करके मूल शब्द लिखो।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
लोग उनकी असफलता पर क्या-क्या टिप्पणी करेंगे।
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
भोला
दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

__________________
__________________
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
मैं लगातार चलता तो मंजिल पा लेता।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| दुः + भाग्य | × |
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ किसी ने ______ के हिंडोले से पुकारा।
निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।
पाँचो अंगुलियाँ घी में होना
