Advertisements
Advertisements
Question
उर्वरक का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए क्यों हानिकारक है?
Answer in Brief
Advertisements
Solution
उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग निम्नलिखित कारणों से पर्यावरण के लिए हानिकारक है -
- अत्यधिक सिंचाई उर्वरक अपवाह की ओर ले जाती है, जो जब किसी भी पास के जलाशय में प्रवेश करती है तो सुपोषण (जलसुपोषण) हो सकतीहै, इससे जल प्रदूषण होता है।
- रासायनिक उर्वरक अकार्बनिक प्रकृति के होते हैं। उर्वरकों के अत्यधिक अनुप्रयोग मिट्टी के सूक्ष्म वनस्पतिजात को मार सकते हैं जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। मिट्टी अपनी सूक्ष्मजैविक विविधता खो देगी।
- उर्वरक के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी का अम्लीकरण और खनिज की कमी भी हो सकती है जिससे मृदा प्रदूषण हो सकता है ।
- नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों के अत्यधिक अनुप्रयोग ग्रीनहाउस गैसों को वायु प्रदूषण के लिए अग्रणी छोड़ते हैं।
shaalaa.com
फसल उत्पादन में उन्नति - फसल उत्पादन प्रबंधन
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक के उपयोग की तुलना कीजिए।
खरपतवार फसलों को निम्नलिखित में से किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
निम्नलिखित पोषकों में से कौन-सा पोषक उर्वरकों में उपलब्ध नहीं होता?
वर्षा ऋतु में होने वाली फसल को ______ फसल कहते हैं।
______ फसल शीत ऋतु में होती हैं।
सोयाबीन और मक्का को एकांतर पंक्ति में एक ही खेत में उगाने को कहते हैं ______।
खरीफ की फसल की खेती ______ से ______ तक की जाती है।
गेहूँ, चना, मटर, सरसों ______ फसलें हैं।
कुल ______ पोषकों की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है और इन्हें ______ कहते हैं।
पारिभाषित करें - जैव उर्वरक
