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उर्वरक का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए क्यों हानिकारक है?

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प्रश्न

उर्वरक का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए क्यों हानिकारक है?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग निम्नलिखित कारणों से पर्यावरण के लिए हानिकारक है -

  1. अत्यधिक सिंचाई उर्वरक अपवाह की ओर ले जाती है, जो जब किसी भी पास के जलाशय में प्रवेश करती है तो सुपोषण (जलसुपोषण) हो सकतीहै,  इससे जल प्रदूषण होता है।
  2. रासायनिक उर्वरक अकार्बनिक प्रकृति के होते हैं। उर्वरकों के अत्यधिक अनुप्रयोग मिट्टी के सूक्ष्म वनस्पतिजात को मार सकते हैं जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। मिट्टी अपनी  सूक्ष्मजैविक विविधता खो देगी।
  3. उर्वरक के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी का अम्लीकरण और खनिज की कमी भी हो सकती है जिससे मृदा प्रदूषण हो सकता है ।
  4. नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों के अत्यधिक अनुप्रयोग ग्रीनहाउस गैसों को वायु प्रदूषण के लिए अग्रणी छोड़ते हैं।
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फसल उत्पादन में उन्नति - फसल उत्पादन प्रबंधन
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अध्याय 15: खाद्य संसाधनों में सुधार - प्रश्नावली [पृष्ठ ८८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Vigyaan Exemplar [Hindi] Class 9
अध्याय 15 खाद्य संसाधनों में सुधार
प्रश्नावली | Q 23. | पृष्ठ ८८

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  4. अपघटन के बाद यह हरी खाद बन जाती है।

पारिभाषित करें - जैव उर्वरक


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