English

“उपार्जित लक्षणों की वंशागति संभव नहीं है।" कारण बताइए। - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

“उपार्जित लक्षणों की वंशागति संभव नहीं है।" कारण बताइए। 

Answer in Brief
Advertisements

Solution

उपार्जित लक्षण वे लक्षण हैं जो एक जीव अपने जीवनकाल में प्राप्त करता है। ये लक्षण जर्म कोशिकाओं के DNA में कोई परिवर्तन नहीं लाते हैं इसलिए ये लक्षण विरासत में नहीं मिलते हैं। अधिग्रहित लक्षण वे परिवर्तन हैं जो गैर-प्रजनन ऊतकों में होते हैं, इस प्रकार उन्हें जनन कोशिकाओं के DNA में पारित नहीं किया जा सकता है। इसलिए, ये लक्षण जर्म कोशिकाओं के जीन में परिवर्तन नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें विरासत में नहीं लिया जा सकता है।

shaalaa.com
विकास
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: आनुवंशिकता एवं जैव विकास - Exemplar [Page 78]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 9 आनुवंशिकता एवं जैव विकास
Exemplar | Q 41. | Page 78

RELATED QUESTIONS

बाघों की संख्या में कमी आनुवंशिकता के दृष्टिकोण से चिंता का विषय क्यों है।


समजात अंगों का उदाहरण है-


विकासीय दृष्टिकोण से हमारी किस से अधिक समानता है-


किन प्रमाणों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से हुई है?


केवल वे विभिन्नताएँ जो किसी एकल जीव (व्यष्टि) के लिए उपयोगी होती हैं, समष्टि में अपना अस्तित्व बनाए रखती हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्यों एवं क्यों नहीं?


यदि किसी जीव का जीवाश्म पृथ्वी की अपेक्षाकृत गहरी परतों से प्राप्त हुआ है, तब हम भविष्यवाणी कर सकते हैं कि ______ 


विकास-सिद्धांत के अनुसार नयी स्पीशीज का निर्माण सामान्यत: किसके कारण होता है?


उन कथनों का चुनाव कीजिए जो जीनों की विशिष्टताएँ बताते हैं

  1. जीन DNA अणु बेसों के विशिष्ट क्रम के रूप में होते हैं
  2. जीन प्रोटीनों का कूटन नहीं करता
  3. किसी स्पीशीज की व्यष्टियों में एक विशिष्ट जीन एक खास गुणसूत्र पर स्थित होता है
  4. प्रत्येक गुणसूत्र में केवल एक ही जीन होता है

मटर के पौधे के निम्नलिखित लक्षणों के विपर्यासी विशेषकों के युग्म लिखिए और बताइए कि उनमें से कौन-सा विशेषक प्रभावी है और कौन-सा अप्रभावी :

  1. पीला बीज
  2. गोल बीज

F2 संतति में लक्षणों के नए संयोजन के बनने के कारण बताइए। 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×