Advertisements
Advertisements
प्रश्न
“उपार्जित लक्षणों की वंशागति संभव नहीं है।" कारण बताइए।
Advertisements
उत्तर
उपार्जित लक्षण वे लक्षण हैं जो एक जीव अपने जीवनकाल में प्राप्त करता है। ये लक्षण जर्म कोशिकाओं के DNA में कोई परिवर्तन नहीं लाते हैं इसलिए ये लक्षण विरासत में नहीं मिलते हैं। अधिग्रहित लक्षण वे परिवर्तन हैं जो गैर-प्रजनन ऊतकों में होते हैं, इस प्रकार उन्हें जनन कोशिकाओं के DNA में पारित नहीं किया जा सकता है। इसलिए, ये लक्षण जर्म कोशिकाओं के जीन में परिवर्तन नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें विरासत में नहीं लिया जा सकता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
वे कौन से विभिन्न तरीके हैं जिनके द्वारा एक विशेष लक्षण वाले व्यष्टि जीवों की संख्या समष्टि में बढ़ सकती है।
बाघों की संख्या में कमी आनुवंशिकता के दृष्टिकोण से चिंता का विषय क्यों है।
समजात अंगों का उदाहरण है-
विकासीय दृष्टिकोण से हमारी किस से अधिक समानता है-
किन प्रमाणों के आधार पर हम कह सकते हैं कि जीवन की उत्पत्ति अजैविक पदार्थों से हुई है?
केवल वे विभिन्नताएँ जो किसी एकल जीव (व्यष्टि) के लिए उपयोगी होती हैं, समष्टि में अपना अस्तित्व बनाए रखती हैं। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्यों एवं क्यों नहीं?
यदि किसी जीव का जीवाश्म पृथ्वी की अपेक्षाकृत गहरी परतों से प्राप्त हुआ है, तब हम भविष्यवाणी कर सकते हैं कि ______
मानवों में नर अथवा मादा बच्चे के पैदा होने की सांख्यकीय संभावना 50:50 होती है। उपयुक्त व्याख्या कीजिए।
मटर के पौधे के निम्नलिखित लक्षणों के विपर्यासी विशेषकों के युग्म लिखिए और बताइए कि उनमें से कौन-सा विशेषक प्रभावी है और कौन-सा अप्रभावी :
- पीला बीज
- गोल बीज
F2 संतति में लक्षणों के नए संयोजन के बनने के कारण बताइए।
