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बाघों की संख्या में कमी आनुवंशिकता के दृष्टिकोण से चिंता का विषय क्यों है।

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प्रश्न

बाघों की संख्या में कमी आनुवंशिकता के दृष्टिकोण से चिंता का विषय क्यों है।

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उत्तर

पर्यावरण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने अंदर बदलाव उत्पन्न करता है तभी वह जीवित रह पता हैं। बाघ पर्यावरण के अनुकूल परिवर्तन नहीं कर रहे। पर्यावरण में मनुष्य के द्वारा आए दिन परिवर्तन हो रहे है। बाघों की संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है जो चिंता का विषय है।

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