Advertisements
Advertisements
Question
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| वेद | ||
| ______ | ______ | ______ |
Advertisements
Solution
| वेद | ||
| वेदस्य | वेद्योः | वेदानाम् |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ च पश्यन्ति। (वृक्ष, पुष्प, बहुव.)
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| पत्र | द्वितीया | पत्रम् | पत्रे | पत्राणि |
| पुष्प | ______ | ______ | ______ | ______ |
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
गृहे आनन्दमयं वातावरण ______ भवति।
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
सभागारे जनाः ______ सह चर्चा कुर्वन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ होनः पशुभिः समानः।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
सः ______ बधिरः अस्ति।
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
स्व ______ किं किं कुरुते मानवः।(प्रसन्नता)
अधोलिखितशब्दान् उदाहरणानुसारं लिखत –
| श्रमिकः | ||
| श्रमिकाय | श्रमिका | श्रमिका |
| कृषकः | ||
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ मा प्रमदः। (स्वाध्याय)
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा- काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
कोटः अपि सुमनः सङ्गात् आरोहित सतां शिरः।
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा- काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
विद्या ददाति विनय
विनयाद् याति पात्रताम्
पात्रत्वाद् धनमाप्नोति
धनाद् धर्मः ततः सुखम्।
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा-काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
सत्यात् अपि हितं वदेत्।
यथोचितं योजयत –
| पिपीलिका | नरात् |
| देव | वृद्धायाः |
| सैनिक | मधुमक्षिकायाः |
| मधुमक्षिका | सैनिकत् |
| वृद्धा | देवात् |
| नर | पिपीलिकायाः |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
बालः ______ अङ्के उपविशति।
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
गच्छन् पिपीलको याति
योजनानां शतान्यपि।
उदाहरणानुसारं लिखत –
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| नदी | ||
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| विद्या | ||
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
______ रक्षायाः विषये सचेताः भयेवुः।
उदाहरणमनुसृत्य अधोलिखितान् कोष्ठकान् यथायोग्यपदैः पूरयत –
यथा- जन
| जने | जन्योः | जनेषु |
राजन्
| ______ | ______ | ______ |
सप्तमीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
परोक्षे कार्यहन्तारम्,
प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्।
वर्ययेत् तादृशं मित्रम्,
विषकुम्भं पयोमुखम्॥

