Advertisements
Advertisements
Question
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत -
| अङ्कर | अमित! मम ______ परितः हरिताः वृक्षाः सन्ति। (गृह) |
| अमितः | अतिशोभनम्। मम ______ उभयतः अवकरगृहम् अस्ति। (गृह) |
| अङ्कुरः | एतत् तु स्वास्थाय न उचितम्। |
| अमितः | जानीमः वयम्। |
| अङ्कुरः | ______ विना तु जीवनं नरकायते। (स्वास्थ्य) |
| अमितः | धिक् एतादृशाः ______ ये इतस्ततः अवकर क्षिपन्ति। (जन) |
Advertisements
Solution
| अङ्कर | अमित! मम गृहम् परितः हरिताः वृक्षाः सन्ति। (गृह) |
| अमितः | अतिशोभनम्। मम गृहम् उभयतः अवकरगृहम् अस्ति। (गृह) |
| अङ्कुरः | एतत् तु स्वास्थाय न उचितम्। |
| अमितः | जानीमः वयम्। |
| अङ्कुरः | स्वास्थ्यम् विना तु जीवनं नरकायते। (स्वास्थ्य) |
| अमितः | धिक् एतादृशाः जनान् ये इतस्ततः अवकर क्षिपन्ति। (जन) |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उदाहरणानुसारं शब्दरचनां कुरुत –

यथा-वानराः
मञ्जूषायाः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
| (पुत्रः आगच्छति।) | |
| अमितः | मातः! अतीव बुभुक्षा बाधते माम्। किं भोजन सज्जम्? |
| अम्बा | आम् पुत्र! ______ कुरु। |
| अमितः | किं ______? |
| अम्बा | तोरिका। |
| अमितः | अहो बहिर्गन्तव्यम्। विलम्बः भवति। बुभुक्षा नास्ति। |
| अम्बा | (हसन्ती) ‘तोरिका’ इति कथने ______ समाप्ता किम्? |
| अमितः | (हसन्) एवं नास्ति मातः! |
| अम्बा | तहिं ______ कुत्र खादिष्यसि? |
| अमितः | न जानामि। |
| अम्बा | तहिं आगच्छा। उष्णं शाकं ______ च खाद। |
| अमितः | अस्तु, शीघ्रं खादित्वा। गच्छामि। |
| रोटिका, शाकं रोटिकां च, बुभुक्षा, पक्वम्, भोजनम् |
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
महिला ______ गच्छन्ति। (उद्यान)
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| पत्र | द्वितीया | पत्रम् | पत्रे | पत्राणि |
| फल | ______ | ______ | ______ | ______ |
अधोलिखितश्लोकेभ्यः तृतीयाविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
पुत्राश्च विविधैः शीलैंर्नियोज्याः सततं बुधैः।
नीतिज्ञाः शीलसम्पन्ना भवन्ति कुलपूजिताः।
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| निरधन | तृतीया | निर्धनेन | निर्धनभ्याम् | निर्धनैः |
| जन | ______ | ______ | ______ | ______ |
अधोलिखितशब्दान् उदाहरणानुसारं लिखत –
| लता | ||
| लतायै | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| रमा | ||
| ______ | ______ | ______ |
अधोलिखितशब्दान् उदाहरणानुसारं लिखत –
| पत्त्रं | ||
| पत्राय | पत्रेभ्याम् | पत्रेभ्यः |
| पुष्पम् | ||
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ अङ्कुरः प्रभवति। (बीज)
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ नद्यः प्रभवन्ति। (पर्वत)
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
गच्छन् पिपीलको याति
योजनानां शतान्यपि।
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| वेद | ||
| ______ | ______ | ______ |
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानां रचनां कुरुत –

| ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
अद्य बाला: चलभाषस्य ______ रताः भवन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
______ रक्षायाः विषये सचेताः भयेवुः।
सप्तमीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
उत्सवे व्यसने चैव
दुर्भिक्षे शत्रुविग्रहे।
राजद्वारे श्मशाने च,
यस्तिष्ठति स बान्धवः।

चतुर्थी-विभक्तियुक्तपदानि स्थूलरेखया चिह्नतानि कुरुत पृथक्तया लिखत च –
खलस्य साधोर्विपरीतमेतत् .
