Advertisements
Advertisements
Question
उचितपदैः सह रिक्तस्थानानि पूरयत-
ये ______ दासाः ते सर्वलोकस्य ______ ( भवन्ति)। येषाम् आशा ______ (भवति) तेषां ______ दासायते।
Advertisements
Solution
ये आशायाः दासाः ते सर्वलोकस्य दासाः ( भवन्ति)। येषाम् आशा दासी (भवति) तेषां लोकः दासायते।
RELATED QUESTIONS
कः कण्टकजालं पश्यति?
शर्वरी केन भाति?
कः गुणं वेत्ति?
अजीर्ण किं भेषजम् अस्ति?
सर्वस्य लोचनं किम् अस्ति?
कः निरन्तरं प्रलपति?
केषां समाजे अपण्डितानां मौनं विभूषणम्?
के सर्वलोकस्य दासाः सन्ति?
सिंहः केन विभाति?
भोजनान्ते किं विषम्?
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
विधात्रा अस्ततायाः छादनं विनिर्मितम्।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
किद्यावतां विद्या एव रूपम् अस्ति।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
लक्ष्मीः शूरं प्राप्नोति।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
बली बलं वेत्ति।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
शास्त्रं परोक्षार्थस्य दर्शकम् अस्ति।
रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
कांस्यम् अतितरां निनादं करोति।
उचितपदैः सह रिक्तस्थानानि पूरयत-
एकेन अपि ______ साधुना सुपुत्रेण ______ सर्वम् आह्लादितं यथा ______ शर्वरी।
उचितपदैः सह रिक्तस्थानानि पूरयत-
लक्ष्मीः उत्साह-सम्पनम् अदीर्घसूत्रं व्यसनेषु असक्तं ______ कृतज्ञं ______ च निवासहेतोः स्वयं याति।
प्रकृतिप्रस्ययकिभागं कुरुत-
| शब्द: | प्रत्ययः | विभकितिः | |
| कृतम् | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रस्ययकिभागं कुरुत-
| शब्द: | प्रत्ययः | विभकितिः | |
| प्रविश्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रस्ययकिभागं कुरुत-
| शब्द: | प्रत्ययः | विभकितिः | |
| विमुच्य | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रस्ययकिभागं कुरुत-
| शब्द: | प्रत्ययः | विभकितिः | |
| भेत्तुम् | ______ | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रस्ययकिभागं कुरुत-
| शब्द: | प्रत्ययः | विभकितिः | |
| कर्तुम् | ______ | ______ | ______ |
पर्यायवाधिभिः सह मेलनं कुरुत-
| विमुच्य | स्वाधीनम् |
| क्रमेलकः | क्षणमात्रम् |
| याति | ठष्ट्ः |
| कुलालस्य | परित्यन्य |
| शर्वरी | रात्रिः |
| वेत्ति | जानाति |
| करौ | गजः |
| अजस्रम् | निरन्तरम् |
| प्रलपति | कथयति |
| मुहूर्तमात्रम् | गच्छति |
किलोपपदैः सह योजयत-
| (क) | अज्ञतायाः | सन्जनानाम् |
| (ख) | अपण्डितानाम् | मूर्खाः |
| (ग) | बुधाः | अपमानम् |
| (घ) | मानम् | आयाति |
| (ङ) | खलानाम् | अकृतत्ञम् |
| (च) | याति | निरशायाः |
| (छ) | कृतक्तम् | विद्वत्तायाः |
| (ज) | आशायाः | अनासक्तम् |
| (झ्) | आसक्तम् | अकृतम् |
| (ञ) | कृतम् | अजीर्णं |
| (ट) | जीर्णे | पण्डितानाम् |
विशेषणं विशेष्येण साह योजयत-
| एकेन | कुलम् |
| अल्पज्ञः | सुपुत्रेण |
| सर्वम् | पुरुषः |
| एकम् | यत्नः |
| सुमहान् | लोकम् |
कः केन विभाति
| गुणी | चन्द्रेण |
| शर्वरी | गुणेन |
| विद्रान् | बलेन |
| सिंह | सुपुत्रेण |
| कुलम् | विद्यया |
पाठस्य धितं वृष्ट्वा उचितां पंक चित्वा लिखत-
