Advertisements
Advertisements
Question
तुमने अपने आस-पास के बड़ों से रामायण की कहानी सुनी होगी। रामलीला भी देखी होगी। क्या तुम्हें अपनी पुस्तक रामकथा की कहानी और बड़ों से सुनी लक्ष्मण की कहानी में कोई अंतर नज़र आया? यदि हाँ तो उसके बारे में कक्षा में बताओ।
Advertisements
Solution
इस प्रश्न का उत्तर स्वलिखित हो।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
क्या अपने माता-पिता के लिए तुम्हें कुछ करने का मौका मिला है?
लेखिका अपने बचपन में कौन-कौन सी चीजें मज़ा ले-लेकर खाती थीं? उनमें से प्रमुख फलों के नाम लिखो।
अपने बचपन की किसी मनमोहक घटना को याद करके विस्तार से लिखो।
सन् 1935-40 के लगभग लेखिका को बचपन शिमला में अधिक दिन गुज़रा।
उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो।
अंडों के बारे में केशव और श्यामा के मन में किस तरह के सवाल उठते थे? वे आपस ही में सवाल-जवाब करके अपने दिल को तसल्ली क्यों दे दिया करते थे?
लेखिको को सप्ताह में कितनी बार चॉकलेट खरीदने की छूट थी?
लेखिका बचपन में कौन-कौन सी चीजें मज़ा ले-लेकर खाती थी ?
बहुविकल्पी प्रश्न
बच्चों के मन में क्या जिज्ञासा थी?
एक भाषा को कई लिपियों में लिखा जा सकता है। उसी तरह कई भाषाओं को एक ही लिपि में लिखा जा सकता है। नीचे एक ही बात को अलग-अलग भाषाओं में लिखा गया है। इन्हें ध्यान से देखो और इनमें दिए गए वर्गों की मदद से कोई नया शब्द बनाने की कोशिश करो-

बहुविकल्पीय प्रश्न
अक्षर ज्ञाने से पहले मनुष्य किस प्रकार संदेश भेजता था?
मनुष्य से पहले इस धरती पर किसका राज्य रहा?
इस गीत की किन पंक्तियों को तुम आप अपने आसपास की जिंदगी में घटते हुए देख सकते हो?
कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
इस वाक्य को गीतकार इस प्रकार कहना चाहता है
(तुमने) कल गैरों की खातिर (मेहनत) की, आज (तुम) अपनी खातिर करना।
इस वाक्य में ‘तुम’ कर्ता है जो गीत की पंक्ति में छंद बनाए रखने के लिए हटा दिया गया है। उपर्युक्त पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘अपनी’ का प्रयोग कर्ता ‘तुम’ के लिए हो रहा है, इसलिए यह सर्वनाम है। ऐसे सर्वनाम जो अपने आप के बारे में बताएँ निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। (निज का अर्थ ‘अपना’ होता है।)
निजवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं जो नीचे दिए वाक्यों में रेखांकित हैं-
मैं अपने आप (या आप) घर चली जाऊँगी।
बब्बन अपना काम खुद करता है।
सुधा ने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा।
अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।
- अपने को
- अपने से
- अपना
- अपने पर
- अपने लिए
- आपस में
बहुविकल्पीय प्रश्न
कंट्रोल रूम में जाकर छोटू ने क्या हरकत की?
अलबम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था?
वैद्य जी को बुलाकर कौन लाया?
वैद्य जी ने मोहन को देखने के बाद क्या कहा?
आज तुमने घर से आते हुए बारीकी से क्या-क्या देखा-सुना? मित्रों के साथ सामूहिक चर्चा करो।
को, में, से आदि वाक्य में संज्ञा का दूसरे शब्दों के साथ संबंध दर्शाते हैं। ‘झाँसी की रानी’ पाठ में तुमने ‘का’ के बारे में जाना। नीचे ‘मंजरी जोशी’ की पुस्तक ‘भारतीय संगीत की परंपरा’ से भारत के एक लोकवाद्य का वर्णन दिया गया है। इसे पढ़ो और रिक्त स्थानों में उचित शब्द लिखो
• तुरही भारत के कई प्रांतों में प्रचलित है। यह दिखने ______ अंग्रेजी के एस या सी अक्षर ______ तरह होती है। भारत _______ विभिन्न प्रांतों में पीतल या कॉसे ________ बना यह वाद्य अलग-अलग नामों ________ जाना जाता है। धातु की नली ______ घुमाकर एस ________आकार इस तरह दिया जाता है कि उसका एक सिरा संकरा रहे और दूसरा सिरा घंटीनुमा चौड़ा रहे। फेंक मारने ______ एक छोटी नली अलग ________ जोड़ी जाती है। राजस्थान ______ इसे बर्गे कहते हैं। उत्तर प्रदेश ______ यह तूरी, मध्य प्रदेश और गुजरात _______ रणसिंघा और हिमाचल प्रदेश _______ नरसिंघा _______ नाम से जानी जाती है। राजस्थान और गुजरात में इसे काकड़सिंधी भी कहते हैं।
हर काम-धंधे के क्षेत्र की अपनी कुछ अलग भाषा और शब्द-भंडार भी होते हैं। ऊपर लिखे शब्दों का संबंध दो अलग-अलग कामों से है। पहचानो कि दिए गए शब्दों के संबंध किन-किन कामों से है?
