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त्रि-संलयन क्या है? - Biology (जीव विज्ञान)

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Question

त्रि-संलयन क्या है?

Short Answer
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Solution

एक सहायकोशिका में प्रवेश करने के पश्चात्‌ पराग नलिका द्वारा सहायकोशिका के जीव द्रव्य में दो नर युग्मक अवमुक्त किए जाते हैं। इनमें से एक नर युग्मक अंड कोशिका की ओर गति करता है और केंद्रक के साथ संगलित होता है, जिससे युग्मक संलयन पूर्ण होता है। जिसके परिणाम में एक द्विगुणित कोशिका युग्मनज (जाइगोट) की रचना होती है। दूसरा नर युग्मक केंद्रीय कोशिका में स्थित दो ध्रुवीय न्युक्ली (केंद्रिकी) की ओर गति करता है और उनसे संगलित होकर त्रिगुणित ( प्राइमरी इंडोस्पर्म न्युक्तिलयस (प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक) बनाता है। जैसा कि इसके अन्तर्गत तीन अगुणितक न्युक्ली (केंद्रिकी) सम्मिलित होते हैं। अत: इसे त्रिसंलयन कहते हैं।

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दोहरा निषेचन (द्वि - निषेचन)
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Chapter 1: पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन - अभ्यास [Page 27]

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NCERT Jeev Vigyan [Hindi] Class 12
Chapter 1 पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन
अभ्यास | Q 11. (i) | Page 27
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