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Question
टिप्पणी लिखो :
लोकमान्य टिळक
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Solution
बाळ गंगाधर टिळक को हम लोकमान्य टिळक के नाम से भी जानते हैं। वे एक महान विद्वान, गणितज्ञ, दार्शनिक और राष्ट्रवादी व्यक्ति थे। उनका जन्म महाराष्ट्र प्रांत में हुआ था। उनकी शिक्षा पूना के दकन कॉलेज में हुई थी। वकालत की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश-सेवा के लिए समर्पित कर दिया। सबसे पहले उन्होंने एक स्कूल की स्थापना की और उसमें अध्यापक हो गए। उसके बाद उन्होंने 'केसरी' और 'मराठा' नामक दो समाचार-पत्रों का संपादन किया। टिळक अपने क्रांतिकारी विचारों के लिए भी जाने जाते थे। वे पहले भारतीय नेता थे, जिन्होंने कहा, "स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।“ वे देश की आजादी के लिए लड़ाई में कूद पड़ें। भारत की आजादी में बाळ गंगाधर टिळक का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है।
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उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखो :
१. सभी के उत्तर से राजा को बड़ी निराशा हुई।
२. रथ एक बड़े-से हरे-भरे खेत के सामने रुक गया।
३. राजा ने हैरानी से राजकुमारी की ओर देखा।
४. अंत में उसे एक उपाय सूझ गया।
सही विकल्प चुनकर वाक्य फिर से लिखो :
इसे तुम अपने पास रखो, ______ साल बाद मैं इन्हें माँगूँगा।
कृति पूर्ण करो :

सूची तैयार करो:
पाठ में आए विविध देशों के नाम।
संजाल पूर्ण करो:

विधान के सामने चौखट में सही ✓ अथवा गलत × चिह्न लगाओ :
सभी अपराधियों को नियमानुसार सजा नहीं हुई।
संक्षेप में उत्तर लिखो :
पेड़ों के उपयोग
संक्षेप में उत्तर लिखो :
पेड़ द्वारा दिया गया संदेश
प्रवाह तालिका पूर्ण करो :

कारण लिखो :
अनाज सुरक्षित रखना प्रारंभ हुआ
कारण लिखो:
मनुष्य को रोज शिकार खेलना पड़ता
कृति पूर्ण करो :
उस जमाने में उसे अमीर कहा जाता था जिसके पास ______ थे

शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखो :
जानवरों को चराने की जगह = ______
उत्तर लिखो :
लोकमान्य टिळक जी द्वारा दिया गया नारा
कारण लिखो :
अंग्रेजियत वाले परिवारों के बच्चों का दबदबा रहता था
कारण लिखो :
पिता जी झल्ला पड़ते थे
कारण लिखो :
लड़के की माँ उसे पढ़ा नहीं पाती थी
संजाल पूर्ण करो :

