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Question
तीन तापदीप्त लैंप, जिनमें प्रत्येक 100W ; 220V का है, किसी 220V आपूर्ति के विद्युत परिपथ में श्रेणीक्रम में संयोजित हैं। किसी अन्य परिपथ में समान विद्युत स्रोत से यही तीनों लैंप पार्श्वक्रम में संयोजित हैं।
- क्या दोनों परिपथों में बल्ब समान तीव्रता से चमकेंगे? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
- अब मान लीजिए दोनों परिपथों का एक-एक बल्ब फ्यूज़ हो जाता है, तो क्या प्रत्येक परिपथ में बाकी बचे बल्ब लगातार चमकते रहेंगे। कारण लिखिए।
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Solution
- श्रृंखला संयोजन में, संभावित अंतर विभाजित हो जाता है जबकि समानांतर में प्रत्येक बल्ब में संभावित अंतर भरा रहता है। इसलिए समान्तर कनेक्शन वाले बल्बों की तुलना में श्रृंखला में बल्ब कम चमक के साथ चमकते हैं।
- अब यदि एक बल्ब श्रृंखला कनेक्शन में फ्यूज हो जाता है तो अन्य सभी बल्ब चमकना बंद कर देंगे जबकि समानांतर कनेक्शन में अन्य बल्ब चमकते रहेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि श्रृंखला संयोजन में एक भी दोषपूर्ण घटक परिपथ को तोड़ देता है, जबकि समानांतर परिपथ में ऐसा नहीं होता है।
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विद्युत परिपथ का क्या अर्थ है?
एक युक्ति जो परिपथ को तोड़ने के लिए उपयोग की जाती है, ________ कहलाती है।
विद्युत्-परिपथ बनाने के लिए धातु के तारों के स्थान पर जूट की डोरी प्रयुक्त की जा सकती है।
किसी दिए गए धातु के तार की वैद्युत प्रतिरोधकता निर्भर करती है तार ______
किसी विद्युत बल्ब के फिलामेंट द्वारा 14 धारा ली जाती हैफिलामेंट की अनुप्रस्थ कार से 16 सेकंड में प्रवाहित इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी लगभग ______
उस परिपथ को पहचानिए जिसमें वैद्युत अवयव उचित प्रकार से संयोजित हैं :
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| (i) | (ii) | (iii) | (iv) |
फ्यूज़ तार विद्युत साधित्रों का बचाव किस प्रकार करता है?
चित्र में दिए गए विद्युत परिपथ में निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए :
- संयोजन में 8Ω के दो प्रतिरोधकों का प्रभावी प्रतिरोध
- 4Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा
- 4Ω प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर
- 4Ω प्रतिरोधक में शक्ति क्षय
- A1 तथा A2 के पाठ्यांकों में अंतर (यदि कोई है)।

विद्युत परिपथ में संयोजित किए जाने वाले घटकों के चिह्न नीचे दिए गए हैं। उन्हें आकृति में उचित स्थान पर संयोजित करके परिपथ पूर्ण कीजिए।

उपर्युक्त परिपथ की सहायता से कौन-सा नियम सिद्ध किया जा सकता है?
चित्र में दर्शाए गए विद्युत परिपथ को पुन: बनाइए। कुंजी को 'ऑन' की स्थिति में लाइए तथा सावधानीपूर्वक यह प्रेक्षण कीजिए कि चुंबकीय सुई किस दिशा में विश्वेपित होती है। स्विच 'ऑफ' करके विद्युत धारा का प्रवाह रोकिए। शेष परिपथ को यथा स्थिति में रखते हुए केवल सेल के टर्मिनलों के संयोजन उत्क्रमित कर (उलट) दीजिए। पुन: स्विच 'ऑन' कीजिए तथा चुंबकीय सुई के विक्षेप की दिशा नोट कीजिए। अपने प्रेक्षणों का कोई उचित स्पष्टीकरण सोचिए।





