English

संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है।

Explain
Advertisements

Solution

[Ni(CN)4]2− Ni(28): 4s23d8
Ni2+(28): 4s03d8

CN एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति के कारण यह प्रतिचुंबकीय है।

[NiCl4]2− में, Clएक दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉन युग्मन का कारण नहीं बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण यह अनुचुंबकीय है।

shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन - संयोजकता आबंध सिद्धांत
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: उपसहसंयोजन यौगिक - पाठ्यनिहित प्रश्न [Page 139]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 5 उपसहसंयोजन यौगिक
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 5.5 | Page 139

RELATED QUESTIONS

[NiCl4]2− अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CO)4] प्रतिचुंबकीय है यद्यपि दोनों चतुष्फलकीय हैं। क्यों?


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –

[Fe(CN)6]4−


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –

[FeF6]3−


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –

[CoF6]3−


[Cr(NH3)6]3+ अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CN)4]2− प्रतिचुंबकीय, समझाइए क्यों?


ध्रुवीय सहसंयोजी आबंध से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।


निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?

C2H2


x-अक्ष को अंतर्नाभिकीय अक्ष मानते हुए बताइए कि निम्नलिखित में कौन-से कक्षक सिग्मा (σ) आबंध नहीं बनाएँगे और क्यों?
(क) 1s तथा 1s
(ख) 1s तथा 2px
(ग) 2py तथा 2py
(घ) 1s तथा 2s


इलेक्ट्रॉनों के आबंधी युग्म तथा एकाकी युग्म से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक के एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर H2 अणु के विरचन की व्याख्या कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×