Advertisements
Advertisements
Question
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है।
Advertisements
Solution
| [Ni(CN)4]2− | Ni(28): 4s23d8 |
| Ni2+(28): 4s03d8 |
CN− एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति के कारण यह प्रतिचुंबकीय है।
[NiCl4]2− में, Cl− एक दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉन युग्मन का कारण नहीं बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण यह अनुचुंबकीय है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
वर्ग समतली (Pt(CN)4]2− आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बतलाइए।
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –
[Fe(CN)6]4−
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –
[Co(C2O4)3]3−
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –
[CoF6]3−
[Cr(NH3)6]3+ अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CN)4]2− प्रतिचुंबकीय, समझाइए क्यों?
ध्रुवीय सहसंयोजी आबंध से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?
C2H2
निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?
C2H4
इलेक्ट्रॉनों के आबंधी युग्म तथा एकाकी युग्म से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक के एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर H2 अणु के विरचन की व्याख्या कीजिए।
