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प्रश्न
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है।
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उत्तर
| [Ni(CN)4]2− | Ni(28): 4s23d8 |
| Ni2+(28): 4s03d8 |
CN− एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉनों के युग्मन का कारण बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति के कारण यह प्रतिचुंबकीय है।
[NiCl4]2− में, Cl− एक दुर्बल क्षेत्र लिगैंड है, इसलिए यह इलेक्ट्रॉन युग्मन का कारण नहीं बनता है।

अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण यह अनुचुंबकीय है।
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