Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सिग्मा तथा पाई आबंध में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
सिग्मा व पाई आबंधों में अंतर (Differences between Sigma and pi Bonds)
| क्रम संख्या | σ-आबंध | π-आबंध |
| १. | यह कक्षकों के अक्षों पर परस्पर अतिव्यापन द्वारा बनता है। | यह दो p या d या p व d असंकरित कक्षकों के पार्श्व अतिव्यापन द्वारा बनता है। |
| २. | यह s-s, s-p, p-p या संकरित-असंकरित आदि कक्षकों के अतिव्यापन पर बनता है। | यह p या d या p व d कक्षकों के अतिव्यापन से बनता है। |
| ३. | इसमें मुक्त घूर्णन संभव है। | इसमें मुक्त घूर्णन संभव नहीं है। |
| ४. | यह अधिक स्थायी व कम क्रियाशील होता है। | यह अस्थायी व अधिक क्रियाशील होता है। |
| ५. | यह स्वतंत्र रूप में बन सकता है। | यह σ-आबंध के निर्माण के बाद ही बन सकता है। |
| ६. | यह अणु की आकृति निर्धारित करता है। | इसका अणुओं की आकृति पर कोई प्रभाव नहीं होता, बल्कि यह आबंध कोण को प्रभावित करता है। |
संबंधित प्रश्न
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है।
[NiCl4]2− अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CO)4] प्रतिचुंबकीय है यद्यपि दोनों चतुष्फलकीय हैं। क्यों?
वर्ग समतली (Pt(CN)4]2− आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बतलाइए।
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –
[Fe(CN)6]4−
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –
[FeF6]3−
[Cr(NH3)6]3+ अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CN)4]2− प्रतिचुंबकीय, समझाइए क्यों?
निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?
C2H4
x-अक्ष को अंतर्नाभिकीय अक्ष मानते हुए बताइए कि निम्नलिखित में कौन-से कक्षक सिग्मा (σ) आबंध नहीं बनाएँगे और क्यों?
(क) 1s तथा 1s
(ख) 1s तथा 2px
(ग) 2py तथा 2py
(घ) 1s तथा 2s
इलेक्ट्रॉनों के आबंधी युग्म तथा एकाकी युग्म से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक के एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर H2 अणु के विरचन की व्याख्या कीजिए।
