मराठी

वर्ग समतली (Pt(CN)4]2− आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बतलाइए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

वर्ग समतली (Pt(CN)4]2− आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बतलाइए।

लघु उत्तर
Advertisements

उत्तर

78Pt आवर्त सारणी के वर्ग 10 में स्थित होता है तथा इसका विन्यास 5d9 6s1 है। अत: Pt2+ का विन्यास d8 है।

वर्ग समतली संरचना के लिए संकरण dsp2 होता है। चूँकि 5d में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन युग्मित होकर dsp2 संकरण के लिए एक रिक्त d-कक्षक बनाते हैं, अत: कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं होता।

shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन - संयोजकता आबंध सिद्धांत
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: उपसहसंयोजन यौगिक - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ १३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 5 उपसहसंयोजन यौगिक
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 5.9 | पृष्ठ १३९

संबंधित प्रश्‍न

संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर समझाइए कि वर्ग समतलीय संरचना वाला [Ni(CN)4]2− आयन प्रतिचुंबकीय है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति वाला [NiCl4]2− आयन अनुचुंबकीय है।


[NiCl4]2− अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CO)4] प्रतिचुंबकीय है यद्यपि दोनों चतुष्फलकीय हैं। क्यों?


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –

[Fe(CN)6]4−


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर निम्नलिखित उपसहसंयोजन सत्ता में आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए –

[CoF6]3−


[Cr(NH3)6]3+ अनुचुंबकीय है, जबकि [Ni(CN)4]2− प्रतिचुंबकीय, समझाइए क्यों?


ध्रुवीय सहसंयोजी आबंध से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।


निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?

C2H2


निम्नलिखित अणु में सिग्मा (σ) तथा पाई (π) आबंधों की कुल संख्या कितनी है?

C2H4


इलेक्ट्रॉनों के आबंधी युग्म तथा एकाकी युग्म से आप क्या समझते हैं? प्रत्येक के एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।


संयोजकता आबंध सिद्धांत के आधार पर H2 अणु के विरचन की व्याख्या कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×