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Question
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
यज्ञस्तपस्तथा - ______ ______
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Solution
यज्ञस्तपस्तथा - यज्ञ +तपः+तथा
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दुःखशोकामयप्रदाः आहाराः कस्य इष्टाः?
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रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अयं पुरुजः श्रद्धामयः भवति।
रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
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रेखाङ्कितपदानि आधूत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
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प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| सात्विकी | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| पर्युषितम् | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
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प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| तप्तम् | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
| प्रकृतिः | प्रत्ययः | |
| उद्दिश्य | ______ | ______ |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत।
गुरुः - ______, ______।
पर्यायपदेः सह मेलनं कुरुत।
प्राज्ञः ______ ______ ।
पर्यायपदेः सह मेलनं कुरुत।
शौचम् - ______, ______, ______ ।
पर्यायपदेः सह मेलनं कुरुत।
आर्जवम् - ______, ______।
विलोमपदेः सह योजयत।
| (क) | अहिसा | अपात्रे |
| (ख) | अनुद्वेगकरम् | असत्यम् |
| (ग) | अभ्यसनम् | काठिन्यम् |
| (घ) | सत्यम् | अनभ्यसनम् |
| (ङ) | पात्रे | उद्वेगकरम् |
| (च) | सौम्यत्वम् | हिंसा |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| न शास्त्रविहितम् - | ______ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| अहंकारेण संयुक्ताः | ______ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| पर्युषितं भोजनम् | ______ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| प्रियं च हितं च - | _____ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| मनसः प्रसादः | _____ |
विग्रहपदानि आधृत्य समस्तपवानि रचयत।
| विग्रहपदानि | समस्तपदानि |
| न उदूवेगकरम् | ______ |
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
चैव - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
तपो जनाः - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
आहरस्त्वपि - ______ ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
राजसस्य+इष्टा - ______
सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
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सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
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सन्धिं सन्धिच्छेदं वा कुरुत।
प्रति+उपकारार्थम् - _______
