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समुद्र व स्थल समीर का वर्णन करें।

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Question

समुद्र व स्थल समीर का वर्णन करें।

Short/Brief Note
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Solution

स्थल समीर स्थल भाग से समुद्र की ओर चलती है और यह प्रायः रात में चलती है जबकि समुद्र समीर समुद्री भाग से स्थल की ओर चलती है। यह प्रायः दिन में चलती है। ऊष्मा के अवशोषण तथा स्थानांतरण में स्थल व समुद्र में भिन्नता पाई जाती है। दिन के दौरान स्थल भाग समुद्र की अपेक्षा अधिक गर्म हो जाते हैं। अतः स्थल पर हवाएँ ऊपर उठती हैं और निम्न दाब क्षेत्र बनता है, जबकि समुद्र अपेक्षाकृत ठंडे रहते हैं और उन पर उच्च वायु दाब बना रहता है। इससे समुद्र से स्थल की ओर दाब प्रवणता उत्पन्न होती है और पवनें समुद्र से स्थल की तरफ समुद्र समीर के रूप में प्रवाहित होती हैं। रात्रि में इसके एकदम विपरीत प्रक्रिया होती है। स्थल समुद्र की अपेक्षा जल्दी ठंडा होता है। दाब प्रवणता स्थल से समुद्र की तरफ होने पर स्थल समीर प्रवाहित होती है।

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वायुमंडल का सामान्य परिसंचरण
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Chapter 9: वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ - अभ्यास [Page 98]

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NCERT Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant [Hindi] Class 11
Chapter 9 वायुमंडलीय परिसंचरण तथा मौसम प्रणालियाँ
अभ्यास | Q 2. (iv) | Page 98
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