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समझाइए कि बेन्जीन वलय से जुड़ा –OH समूह उसे इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति कैसे सक्रियित करता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

समझाइए कि बेन्जीन वलय से जुड़ा –OH समूह उसे इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति कैसे सक्रियित करता है?

Explain
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Solution

फ़ीनॉल को निम्नलिखित संरचनाओं को अनुनादी संकर माना जाता है –

–OH समूह का +R प्रभाव बेन्जीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देता है जिससे इलेक्ट्रॉनरागी की आक्रमण सरल हो जाता है। अतः –OH समूह की उपस्थिति से बेन्जीन वलय इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन क्रियाओं के प्रति सक्रियित होती है। चूँकि ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व आपेक्षिक रूप से उच्च होता है, अत: इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन मुख्यत: ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर अधिक होता है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का रासायनिक अभिक्रियाएँ - अभिक्रियाएँ जिनमें O-H आबंध का विदलन होता है
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Chapter 7: ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर - अभ्यास [Page 229]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 7 ऐल्कोहॉल, फ़िनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q 7.16 | Page 229

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