Advertisements
Advertisements
Question
समझाइए कि बेन्जीन वलय से जुड़ा –OH समूह उसे इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन के प्रति कैसे सक्रियित करता है?
Advertisements
Solution
फ़ीनॉल को निम्नलिखित संरचनाओं को अनुनादी संकर माना जाता है –

–OH समूह का +R प्रभाव बेन्जीन वलय पर इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देता है जिससे इलेक्ट्रॉनरागी की आक्रमण सरल हो जाता है। अतः –OH समूह की उपस्थिति से बेन्जीन वलय इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन क्रियाओं के प्रति सक्रियित होती है। चूँकि ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर इलेक्ट्रॉन घनत्व आपेक्षिक रूप से उच्च होता है, अत: इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन मुख्यत: ऑर्थो तथा पैरा स्थानों पर अधिक होता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की HCl–ZnCl2 से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
ब्यूटेन-1-ऑल
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की HCl–ZnCl2 से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
2-मेथिलब्यूटेन-2-ऑल
ऐसी दो अभिक्रियाएँ दीजिए जिनसे फ़ीनॉल की अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित होती हो।
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की HBr से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
ब्यूटेन-1-ऑल
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की HBr से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
2-मेथिलब्यूटेन-2-ऑल
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की SOCl2 से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
ब्यूटेन-1-ऑल
यदि निम्नलिखित ऐल्कोहॉल की SOCl2 से अभिक्रिया करें तो आप अपेक्षित उत्पाद की संरचनाएँ दीजिए।
2-मेथिलब्यूटेन-2-ऑल
फ़ीनाल की अम्लता की तुलना एथेनॉल से कीजिए।
