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Question
श्वैन त्सांग नालंदा में क्यों पढ़ना चाहता था, कारण बताओ?
Short/Brief Note
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Solution
उस समय का सबसे प्रसिद्ध बौद्ध विद्या केंद्र नालंदा में था। नालंदा बौद्ध विद्या केंद्र शिक्षक योग्यता तथा बुद्धि में सबसे आगे थे। बुद्ध के उपदेशों का वह पूरी ईमानदारी से पालन करते थे। पूरे दिन वाद-विवाद चलते | ही रहते थे जिसमें युवा और वृद्ध दोनों ही एक-दूसरे की मद्द करते थे।
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बौद्ध धर्म का प्रसार
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- बाएँ: मथुरा में बनी बुद्ध की एक प्रतिमा का चित्र।
- दाएँ: तक्षशिला में बनी बुद्ध की प्रतिमा का एक चित्र। इन चित्रों को देखकर बताओ कि इनके बीच क्या-क्या समानताएँ हैं और क्या-क्या भिन्नताएँ हैं?

पृष्ठ 100 को एक बार फिर पढ़ो। क्या तुम बता सकती हो कि बौद्ध धर्म इन इलाकों में कैसे फैला होगा?
बताओ कि फा-शिएन अपनी पाण्डुलिपियों और मूर्तियों को क्यों नहीं फेंकना चाहता था।
निम्नलिखित के उपयुक्त जोड़े बनाओ
| दक्षिणापथ के स्वामी | बुद्धचरित |
| मुवेन्दार | महायान बौद्ध धर्म |
| अश्वघोष | सातवाहन शासक |
| बोधिसत्व | चीनी यात्री |
| शवैन | चोल,चेर , पाण्ड्य |
