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Question
बताओ कि फा-शिएन अपनी पाण्डुलिपियों और मूर्तियों को क्यों नहीं फेंकना चाहता था।
Short/Brief Note
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Solution
फा-शिएन बौद्ध धर्म का अनुयायी था। उसने पाण्डुलिपियाँ तथा मूर्तियाँ अपनी भारत यात्रा के दौरान संकलित की थी यह सब उसने काफी मेहनत तथा कई वर्षों तक भारत में घूम-घूम कर इकट्ठा किया था जिसे वह | फिर से प्राप्त नहीं कर सकता था इसलिए वह पाण्डुलिपियों और मूर्तियों को नहीं फेंकना चाहता था।
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बौद्ध धर्म का प्रसार
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पृष्ठ 100 को एक बार फिर पढ़ो। क्या तुम बता सकती हो कि बौद्ध धर्म इन इलाकों में कैसे फैला होगा?
श्वैन त्सांग नालंदा में क्यों पढ़ना चाहता था, कारण बताओ?
निम्नलिखित के उपयुक्त जोड़े बनाओ
| दक्षिणापथ के स्वामी | बुद्धचरित |
| मुवेन्दार | महायान बौद्ध धर्म |
| अश्वघोष | सातवाहन शासक |
| बोधिसत्व | चीनी यात्री |
| शवैन | चोल,चेर , पाण्ड्य |
