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Question
शून्य सबसे छोटी पूर्ण संख्या है।
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह कथन सत्य है।
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सभी पूर्ण संख्याएँ प्राकृत संख्याएँ हैं।
पूर्ण संख्या 0 का कोई पूर्ववर्ती नहीं होता।
16 से 80 तथा 90 से 100 के बीच पड़ने वाली अभाज्य संख्याओं का योग है –
यदि किसी पूर्ण संख्या को उससे बड़ी पूर्ण संख्या से भाग किया जाता है तब भागफल शून्य नहीं आता।
किसी शून्येतर पूर्ण संख्या को उसी से भाग करने पर भागफल 1 प्राप्त होता है।
दो या अधिक संख्याओं का ल. स. उनके म. स. से विभाज्य होता है।
दो या अधिक संख्याओं का ल. स. उनमें से किसी एक के बराबर हो सकता है।
दो संख्याओं का म. स. यदि उनमें से हीं एक संख्या है तब उनका ल. स. दूसरी संख्या होगा।
दो सहअभाज्य संख्याओं का ल. स. उनके गुणनफल के बराबर होता है।
सबसे छोटी पूर्ण संख्या _____ है।
यदि शून्य को किसी पूर्ण संख्या से घटाया जाता है तो उत्तर में ______ प्राप्त होती है।
पूर्ण संख्याएँ ______ और ____ की संक्रियाओं में संवृत हैं।
किसी भी अभाज्य संख्या के गुणनखंडों की संख्या _____ है।
कोई भी संख्या जिसके सभी गुणनखंडों का योग उसके दोगुने के बराबर होता है ______ कहलाती है।
प्रत्येक पूर्णाक या तो धनात्मक होता है या फिर ऋणात्मक।
–10 और –15 के बीच स्थित सबसे बड़ा पूर्णांक है –
सभी पूर्णांक पूर्ण संख्याएँ हैं।
सबसे छोटा पूर्णांक 0 है।
