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शरीर की वृद्‌धि एवं विकास के लिए सभी प्रकार की जीवनप्रक्रियाएँ किस प्रकार सहायता करती हैं? - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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Question

शरीर की वृद्‌धि एवं विकास के लिए सभी प्रकार की जीवनप्रक्रियाएँ किस प्रकार सहायता करती हैं?

Answer in Brief
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Solution

  1. प्रत्येक सजीव के शरीर में विभिन्न संस्थान सतत परस्पर एक-दुसरे के समन्वय से कार्य करते रहते हैं। मानव शरीर में समन्वय की कार्यप्रणाली अत्यधिक प्रगतिशील है।
  2. पाचन संस्थान, श्वसन संस्थान, परिवहन संस्थान, उत्सर्जन संस्थान, तंत्रिका संस्थान तथा शरीर के अन्य बाह्य तथा आंतरिक अंग स्वतंत्रतापूर्वक एक-दूसरे के समन्वय से कार्य करते हैं।
  3. हृदय के पंपन के कारण परिवहन संस्थान की सहायता से भोजन के पाच्य तथा अवशोषित पोषणतत्वों के विभिन्न कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है। इसी प्रकार फेफड़े द्वारा रक्त में अवशोषित आक्सीजन को लालरक्तकण द्वारा विभिन्न कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है।
  4. प्रत्येक कोशिका में स्थित तंतुकणिका सभी पोषक तत्त्वों का आक्सीकरण करती हैं। तथा ऊर्जा का उत्पादन करती हैं। अन्य सभी कार्यों के लिए इसी ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।
  5. इन सभी कार्यों का नियंत्रण तंत्रिका संस्थान द्वारा किया जाता है। शरीर में स्थित सभी संस्थान के एक-दूसरे के समन्वय से कार्य करने के कारण सजीव जीवित रहता है तथा सजीव में वृद्धि और विकास की प्रक्रिया चलती रहती है।
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सजीव और जीवन प्रक्रिया (Living Organism and Life Processes)
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Chapter 2: सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -1 - स्वाध्याय [Page 21]

APPEARS IN

Balbharati Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 2 सजीवों में जीवनप्रक्रिया भाग -1
स्वाध्याय | Q 5. ई. | Page 21
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