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Question
साबुन की सफ़ाई प्रक्रिया की क्रियाविधि समझाइए।
Answer in Brief
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Solution 1
साबुन की सफाई प्रक्रिया:
कपड़ों पर मौजूद गंदगी कार्बनिक प्रकृति की होती है और पानी में अघुलनशील होती है। इसलिए इसे केवल पानी से धोने से नहीं हटाया जा सकता है। जब साबुन को पानी में घोला जाता है, तो उसके हाइड्रोफोबिक सिरे गंदगी से चिपक जाते हैं और उसे कपड़े से हटा देते हैं। फिर, साबुन के अणु स्वयं को मिसेल गठन में व्यवस्थित करते हैं और क्लस्टर के केंद्र में गंदगी को फँसाते हैं। ये मिसेल पानी में निलंबित रहते हैं और इस प्रकार, धूल के कण पानी से आसानी से धुल जाते हैं।

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Solution 2
साबुन की सफाई क्रिया को इस प्रकार वर्णित किया जा सकता है:
- साबुन के अणु में टैडपोल के आकार की संरचना होती है।
- साबुन के अणु के एक सिरे (लंबे, गैर-ध्रुवीय सिरे) पर एक हाइड्रोकार्बन श्रृंखला होती है जो पानी में अघुलनशील लेकिन तेल में घुलनशील होती है।
- साबुन के अणु के दूसरे सिरे (लघु ध्रुवीय सिरे) पर एक कार्बोक्सिलेट आयन होता है जो हाइड्रोफिलिक होता है, यानी पानी में घुलनशील लेकिन तेल में अघुलनशील होता है।

- इस क्रियाकलाप से सफ़ाई में साबुन के प्रभाव का पता चलता है।
- अधिकांश मैल तैलीय होते हैं और तेल पानी में अघुलनशील है। साबुन के अणु लंबी श्रंखला वाले 'कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम एवं पोटेशियम लवण होते हैं।
- साबुन का आयनिक भाग जल से जबकि कार्बन श्रंखला तेल से पारस्परिक क्रिया करती है।
- इस प्रकार साबुन के अणु मिसेली संरचना, तैयार करते हैं, जहाँ अणु का एक सिरा तेल कण की ओर तथा आयनिक सिरा बाहर की ओर होता है। इससे पानी में इमल्शन बनता है।
- इस प्रकार साबुन का मिसेल मैल को पानी बाहर निकलने में मदद करता है और हमारे कपड़े साफ़ हो जाते है।

मिसेल का निर्माण
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साबुन और अपमार्जक
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