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Question
राजप्पा और नागराजन की तरह क्या तुम भी कोई शौक रखते हो? उससे जुड़े किस्से सुनाओ।
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Solution
नागराजन और राजप्पा की भाँति मुझे भी सिक्के इकट्ठे करने का शौक है। पुराने सिक्के को अधिक मूल्य देकर खरीद लेता हूँ। आज मेरे पास दुर्लभ सिक्के करीब 200 मेरे पास हैं। मैं यह इसलिए रखता हूँ ताकि ये सुरक्षित रहें और आने वाले अन्य बच्चे इसके बारे और अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें। छात्र इस प्रकार के अनेक अनुभव कक्षा में सुना सकते हैं।
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बहुविकल्पी प्रश्न
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अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।
- अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-
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मिठास |
भूख |
शांति |
भोलापन |
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बुढ़ापा |
घबराहट |
बहाव |
फुर्ती |
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ताज़गी |
क्रोध |
मज़दूरी |
अहसास |
एन.सी.ई.आर.टी. की श्रव्य श्रृंखला ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’।
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