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Question
पूरक पाठ्यपुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 50-60 शब्दों में लिखिए:
भोलानाथ और उसके साथियों के नाटकों के खेल में बाबूजी अक्सर शामिल हो जाते थे परंतु उनके शामिल होते ही बच्चे उस नाटकीय खेल को समाप्त कर भाग खड़े होते थे। आपके विचार में बाबूजी का ऐसा करना कहाँ तक उचित था? तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
Long Answer
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Solution
भोलानाथ और उसके मित्र तरह-तरह के खेल खेला करते थे, जैसे बाजार लगाना, ओसाई करना, विवाह और दावत का आयोजन करना। उनके ये खेल अत्यंत मनोरंजक होते थे। राही भी रुककर बच्चों के खेलों का आनंद लिया करते थे। जब बाबूजी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के बहाने खेल में शामिल हो जाते, तो बच्चे खेल छोड़कर तुरंत भाग जाते थे। यह उन्हें और अधिक आनंद देता था, इसलिए बाबूजी ऐसा करते थे। मेरे विचार में उनका ऐसा करना बिल्कुल उचित था।
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