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Question
पुनीता के मोहल्ले में दो पुराने कुँए हैं। उसकी दादी बताती हैं कि लगभग 15-20 साल पहले तक उनमें पानी था। क्या कुँए सूखने की कुछ वजह ये हो सकती हैं? चर्चा करो -
- कई जगह मोटर लगाकर ज़मीन का पानी निकाला जा रहा है।
- तालाब जिनमें बारिश का पानी इकठ्ठा होता था, अब नहीं रहे।
- पेड़ों के आस-पास और पार्क में भी ज़मीन को सीमेंट से पक्का कर दिया गया है।
- क्या तुम कोई और वजह भी सुझा सकते हो?
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Solution
इन सभी के अलावा और भी कई कारण हैं; जैसे - पेड़ों का बहुत ज्यादा कटना, जंगलों में आग लगना, जल स्त्रोतों की सही से देखरेख न करना, जल संरक्षण के सही तरीके न अपनाना। हाँ, एक कारण यह भी हो सकता है कि सबके घरों में नल से पानी आता होगा। अब वे कुँए की सुध ही नहीं ले रहे होंगे।
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सामने दिए चित्र में निशान लगाओ कि छत पर बरसने वाला पानी ज़मीन के नीचे बने टैंक में कैसे पहुँचेगा।
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पानी कहीं सूख तो नहीं गया?
ज़िंदगी का हक तो सभी का है। फिर जीने के लिए या पीने भर के लिए पानी मिल जाए - क्या यह हक हर एक को मिल रहा है? ऐसा क्यों है कि कुछ लोगों को तो खरीदकर ही पानी पीना पड़ता है? पृथ्वी पर तो पानी सभी का है, साँझा है। कुछ लोग गहरा बोरिंग करके ज़मीन के नीचे से ज़्यादा पानी खींच लेते हैं यह कहाँ तक सही है। तुमने क्या ऐसा कहीं देखा है? कुछ लोगों को जल बोर्ड के पाइप में टुल्लू पंप क्यों लगाना पड़ रहा होगा? इससे दूसरे लोगों को क्या परेशानी हो रही होगी? तुम्हारा क्या कुछ ऐसा अनुभव है?
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