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Question
पठित: पाठ:। इदानीं क्रीडाम:। सर्वे छात्रा: वर्गद्वये विभक्ता: स्यु:। वाल्मीकिवर्ग: व्यासवर्गश्च। वाल्मीकिवर्गात् एक: छात्र: प्रश्नं पृच्छति व्यासवर्गात् च कश्चित् उत्तरति। पुनश्च व्यासवर्गात् प्रश्न: पृच्छ्यते वाल्मीकिवर्गात् उत्तरं दीयते। शिक्षक: अङ्कप्रदानं करोति। सर्वाधिकान् अङ्कान् लभमान: वर्ग: विजेता घोष्यते।
| वाल्मीकिवर्ग: | व्यासवर्ग: |
| (क) 'अम्भोज: ' इति शब्दस्य पर्याय: क:? | ...... |
| (ख) ...... | 'शरत्कालीन' इति कस्य अर्थ:? |
| (ग) सरस्वत्या: कोश: कर्थं वर्धते? | ...... |
| (घ) ...... | कया समं चक्षुर्न विद्यते? |
| (ङ) कीदृशी वाणी पुरुषं प्रसन्नं करोति? | ...... |
| (च) ...... | शारदा सर्वदा कुत्र निवसेत्? |
| (छ) उद्वेगकरम् इत्यस्य कः विलोमः? | ...... |
| (ज) ...... | सतमे श्लोके 'चतुर्थांश:' कस्य अर्थ:? |
| (झ) 'ऊहः' शब्दस्य कः विलोमः? | ...... |
| (ञ) ...... | बुद्धे: प्रथम: गुण: कः? |
Long Answer
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Solution
| वाल्मीकिवर्ग: | व्यासवर्ग: |
| (क) 'अम्भोज: ' इति शब्दस्य पर्याय: क:? | ‘पङ्कजः’ इति ‘अम्भोजः’ शब्दस्य पर्यायः। |
| (ख) शरदृतौ भवः अथवा शरदृतुसम्बन्धी। | 'शरत्कालीन' इति कस्य अर्थ:? |
| (ग) सरस्वत्या: कोश: कर्थं वर्धते? | व्ययेन सरस्वत्याः कोशः वर्धते। |
| (घ) विद्यया समं चक्षुः न विद्यते। | कया समं चक्षुर्न विद्यते? |
| (ङ) कीदृशी वाणी पुरुषं प्रसन्नं करोति? | प्रियवाणी पुरुषं प्रसन्नं करोति। |
| (च) शारदा सर्वदा जिह्वाग्रे निवसेत्। | शारदा सर्वदा कुत्र निवसेत्? |
| (छ) उद्वेगकरम् इत्यस्य कः विलोमः? | ‘शान्तिकरम्’ इति ‘उद्वेगकरम्’ इत्यस्य विलोमः। |
| (ज) एकस्य चतुर्थः भागः अथवा पादः। | सतमे श्लोके 'चतुर्थांश:' कस्य अर्थ:? |
| (झ) 'ऊहः' शब्दस्य कः विलोमः? | ‘अपोहः’ इति ‘ऊहः’ शब्दस्य विलोमः। |
| (ञ) विवेकः बुद्धेः प्रथमः गुणः। | बुद्धे: प्रथम: गुण: कः? |
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