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Question
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :

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Solution
पार्टी के लिए की गईं तैयारियाँ :
- कुर्सी, मेज, तिपाइयाँ, नैपकिन. फूल आदि बरामदे में पहुँचाए गए |
- घर का फालतू सामान आलमारियों के पीछे छिपाया गया |
- कुछ सामान पलंगों के पीछे छिपाया गया |
- माँ की भी व्यवस्था की गई |
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कारण लिखिए :
माँ ने गीत सुनाया - ______
लिखिए :

लिखिए :
संजाल पूर्ण कीजिए :

कृतियाँ पूर्ण कीजिए :
मेम साहब को पसंद आईं चीजें :
- ______
- ______
कारण लिखिए :
शामनाथ क्रोधित हो उठे - ______
कारण लिखिए :
माँ ने फुलकारी बनाने के लिए हाँ कर दी - ______
कारण लिखिए :
माँ चूड़ियाँ नहीं पहन सकतीं - ______
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
शामनाथ की पार्टी सफलता के शिखर चूमने लगी। कहीं कोई रुकावट न थी, कोई अड़चन न थी। मेम साहब को परदे पसंद आए थे, सोफा कवर का डिजाइन पसंद आया था, कमरे की सजावट पसंद आई थी। इससे बढ़कर क्या चाहिए? साहब तो चुटकुले और कहानियाँ कहने लग गए थे। दफ्तर में जितना रोब रखते थे, यहाँ पर उतने ही दोस्तपरवर हो रहे थे और उनकी स्त्री, काला गाउन पहने, गले में सफेद मोतियों का हार, सेंट और पावडर की महक से ओत-प्रोत, कमरे में बैठी सभी देशी स्त्रियों की आराधना का केंद्र बनी हुई थीं। बात-बात पर हँसतीं, बात-बात पर सिर हिलातीं और शामनाथ की स्त्री से तो ऐसे बातें कर रहीं थीं, जैसे उनकी पुरानी सहेली हो। इसी रौ में साढ़े दस बज गए। वक्त कब गुजर गया पता ही न चला। आखिर सब लोग खाना खाने के लिए उठे और बैठक से बाहर निकले। आगे-आगे शामनाथ रास्ता दिखाते हुए, पीछे चीफ और दूसरे मेहमान। बरामदे में पहुँचते ही शामनाथ सहसा ठिठक गए। जो दृश्य उन्होंने देखा, उससे उनकी टाँगें लड़खड़ा गईं, बरामदे में ऐन कोठरी के बाहर माँ अपनी कुर्सी पर ज्यों-की-त्यों बैठी थीं। |
(1) उत्तर लिखिए: (2)

(2) लिखिए: (2)

(3) ‘समय किसी के लिए रुकता नहीं’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
