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परिवेश या परिस्थितियों पर इस पाठ में की गई टिप्पणी को आप नाटक में कैसे शामिल करेंगे?

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Question

परिवेश या परिस्थितियों पर इस पाठ में की गई टिप्पणी को आप नाटक में कैसे शामिल करेंगे?

Short/Brief Note
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Solution

परिवेश या परिस्थितियों पर की गई टिप्पणी को नाटक में सीधे वर्णन के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे दृश्यात्मक और श्रव्य माध्यमों से प्रभावशाली बनाया जाएगा। कहानी में लेखक जिस स्थान, समय, वातावरण या परिस्थिति का वर्णन करता है, उसे नाटक में मंच-सज्जा, प्रकाश-व्यवस्था, पार्श्व संगीत और ध्वनि-प्रभावों के माध्यम से दिखाया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, यदि कहानी में गाँव के वातावरण का वर्णन है, तो मंच पर झोपड़ी, पेड़, कुआँ आदि दिखाकर तथा पक्षियों की आवाज़ या ग्रामीण जीवन से संबंधित ध्वनियों का प्रयोग करके उस परिवेश को जीवंत किया जा सकता है। इसी प्रकार रात, बारिश, आँधी या किसी तनावपूर्ण परिस्थिति को प्रकाश, ध्वनि और संगीत के माध्यम से प्रभावी बनाया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, परिस्थितियों को पात्रों के संवाद, हाव-भाव, गतिविधियों और अभिनय के माध्यम से भी स्पष्ट किया जाएगा। पात्रों के व्यवहार और बातचीत से उनके सामने मौजूद सामाजिक या व्यक्तिगत परिस्थितियों का पता चलेगा। इस प्रकार कहानी में दी गई वर्णनात्मक टिप्पणियों को नाटक में मंचीय क्रिया, संवाद, अभिनय, मंच-सज्जा, प्रकाश तथा ध्वनि में बदलकर प्रस्तुत किया जाएगा। इससे कहानी का परिवेश और परिस्थितियाँ दर्शकों के सामने अधिक स्वाभाविक और प्रभावशाली रूप में जीवंत हो जाएँगी।

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Chapter 11: कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण - पाठ्य प्रश्न [Page 142]

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NCERT Hindi Abhivyakti aur Madhyam Class 11 and 12
Chapter 11 कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण
पाठ्य प्रश्न | Q 1. | Page 142
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