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प्रेमचंद द्वारा लिखित 'बूढ़ी काकी' पढ़ो तथा उसका सासंश सुनाओ। - Hindi [हिंदी]

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Question

प्रेमचंद द्वारा लिखित 'बूढ़ी काकी' पढ़ो तथा उसका सासंश सुनाओ।

Very Long Answer
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Solution

"बूढ़ी काकी" प्रेमचंद द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है, जो वृद्धावस्था की पीड़ा, परिवार में उपेक्षा और भूख की मार्मिक कहानी प्रस्तुत करती है। यह कहानी समाज की उस सच्चाई को उजागर करती है, जहाँ बुजुर्गों को बोझ समझकर उनकी उपेक्षा की जाती है।

कहानी का सारांश:

बूढ़ी काकी एक वृद्ध महिला हैं, जिनका कोई सहारा नहीं है। उनके भाई-भतीजे ही उनका परिवार हैं, जिनके पास उनकी देखभाल की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपनी सारी संपत्ति अपने भतीजे को सौंप दी थी, इस उम्मीद में कि वह जीवनभर उनकी सेवा करेगा। लेकिन समय के साथ भतीजे की पत्नी और घर के अन्य सदस्य उन्हें बोझ समझने लगे।

बूढ़ी काकी का शरीर जर्जर हो चुका था, उनकी आँखें कमजोर हो गई थीं और चलने-फिरने की ताकत भी नहीं थी। उनकी सबसे बड़ी समस्या थी भूख। घर में स्वादिष्ट पकवान बनते, लेकिन उन्हें रूखा-सूखा भोजन दिया जाता। उनका मन उन व्यंजनों को खाने के लिए तरसता था, परंतु परिवार के लोग उनकी इच्छाओं को अनदेखा कर देते थे।

एक दिन, घर में किसी विशेष अवसर पर पूड़ी-कचौड़ी बनाई जा रही थी। उनकी भूख असहनीय हो गई, और रात को जब सब लोग सो रहे थे, तो वे घिसटते हुए रसोई तक पहुँच गईं। वे भूख से बेहाल होकर चुपके से खाने लगीं, तभी घर की बहू ने उन्हें पकड़ लिया और उन्हें बहुत डाँटा। यह दृश्य देखकर गाँव के बुजुर्गों और मेहमानों को बहुत दुःख हुआ। भतीजे को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने बूढ़ी काकी की देखभाल करने का संकल्प लिया।

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Chapter 16: काकी - पाठ्य प्रश्न [Page 7]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 16 काकी
पाठ्य प्रश्न | Q ४. | Page 7
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