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प्लॅस्टिक की थैलियों का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक क्यों है? - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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Question

प्लॅस्टिक की थैलियों का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक क्यों है?

Answer in Brief
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Solution

प्लास्टिक एक जैव अनपघटनशील पदार्थ है। प्लास्टिक का अपघटन उसके मूल घटक तत्त्व में नहीं किया जा सकता है। प्लास्टिक सैकड़ो वर्षों तक यथावत बना रहता है। उसमें कोई भी परिवर्तन नहीं होता है। जब भी प्लास्टिक को कहीं भी फेंका जाता है, तब प्लास्टिक के कारण पर्यावरण में ठोस कचरा प्रदूषण फैलता है। यदि प्लास्टिक को जलाया जाता है, तो इससे अत्यंत विषैली गैसें मुक्त होती हैं। यदि प्लास्टिक से भूमिभराव किया गया, तो यह अन्य पदार्थों के अपघटन प्रक्रिया में विघ्न उत्पन्न करता है।
यदि प्लास्टिक को नदी, नाला या किसी जलाशय में फेंका गया, तो प्लास्टिक वहाँ के जलीय परिसंस्था को प्रभावित करता है। पालतु जानवर प्लास्टिक को अज्ञानतावश खा जाते हैं। तब प्लास्टिक के उनके आहारनलिका में फँस जाने से उनकी मृत्यु हो जाती है। वर्षाकाल में गटर तथा अन्य पानी निकास की पाइपें प्लास्टिक की थैलियों से भरी होने के कारण उनसे निकलने वाले गंदे पानी का मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। इस कारण भारी वर्षा के समय गंदे पानी की निकासी न होने के कारण संपूर्ण शहर जलमग्न हो जाता है।
आजकल जब मछुआरे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में जाल फेंकते हैं, तो उस जाल में आधे से अधिक प्लास्टिक की वस्तुएँ पकड़ में आती हैं। लोग प्लास्टिक थैलियों का धड़ल्ले से उपयोग करते हैं। परंतु प्लास्टिक थैलियों से पर्यावरण पर पड़नेवाले दुष्प्रभाव के बारे में नहीं सोचते हैं।
प्लास्टिक थैलियों का एक उत्तम विकल्प कपड़े की थैली है। कपड़े की थैलियों का बार-बार उपयोग किया जा सकता है। अत: प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना अति आवश्यक है।

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Chapter 7: पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की - स्वाध्याय [Page 86]

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Balbharati Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
Chapter 7 पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की
स्वाध्याय | Q 3. ऐ. | Page 86
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