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Question
पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टे कृती कुरुत।
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(१) वैद्यराज नमस्तुभ्यं यमराजसहोदर। |
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(२) यत्र विद्वज्जनो नास्ति श्लाघ्यस्तत्राल्पधीरपि। |
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(३) सा गृहीताऽतिचुक्रोश रावणेन यशस्विनी। |
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(४) सा तदा करूणा वाचो विलपन्ती सुदुःखिता। |
(१) पद्यांशं पठित्वा निर्दिष्टे कृती कुरुत। (३ तः २) २
(क) पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत।
वैद्यः किं किं हरति?
(ख) विशेषण-विशेष्ययोः मेलनं कुरुत।
| ‘अ’ | ‘आ’ |
| (१) निरस्तपादपे | अल्पधीः |
| (२) श्लाघ्यः | एरण्डः |
| देशे |
(ग) सन्धिविग्रहं कुरुत।
एरण्डोऽपि = ------ + ------।
(२) जालरेखाचित्रं पूरयत। २

Comprehension
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Solution
(१)
(क)
वैद्यः प्राणान् धनानि च हरति।
(ख)
| ‘अ’ | ‘आ’ |
| (१) निरस्तपादपे | देशे |
| (२) श्लाघ्यः | अल्पधीः |
(ग)
एरण्डोऽपि = एरण्डः + अपि।
(२)

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