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Question
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
| ज्ञानविज्ञानयोः | ______ | ______ | ______ |
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Solution
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
| ज्ञानविज्ञानयोः | पुँल्लिङ्गम् | सप्तमी | द्विवचनम् |
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उच्चारणं कुरुत-
| दुर्भिक्षे | राष्ट्रविप्लवे | विश्वबन्धुत्वम् |
| विश्वसन्ति | उपेक्षाभावाम् | विद्वेषस्य |
| ध्यातव्यम् | दुःखभाक् | प्रदर्शयन्ति |
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
अन्यस्य - ______
मञ्जूषातः समानार्थकपदानि चित्वा लिखत-
समृद्धम् - ____________
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
ते बालिकाः मधुरं गायन्ति।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
अहं पुस्तकालयेन पुस्तकानि आनयामि।
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
त्वं किं नाम?
रेखाङ्कितानि पदानि संशोध्य लिखत–
गुरुं नमः।
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
शत्रुतायाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
पुरा - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
मानवाः - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
उदारचरितानाम् - ______
मञ्जूषातः विलोमपदानि चित्वा लिखत–
अपहाय - ______
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
बन्धु: |
______ |
______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
|
रक्षायाम् |
______ |
______ |
______ |
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ नम:।
कोष्ठकात् समुचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ उभयत: पुत्रौ स्त:।
