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Question
पाठ में आए इन व्यक्तियों का देश के लिए विशेष रचनात्मक महत्व है। इनके बारे में जानकारी प्राप्त करें और कक्षा में चर्चा करें।
श्री रामकृष्ण, रवींद्रनाथ ठाकुर, काज़ी नजरुल इस्लाम, शरत्चंद्र, सत्येंद्र नाथ दत्त, सुकुमार राय, ऐनि फ्रैंक।
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Solution
विद्यार्थी स्वयं विद्यालय के पुस्तकालय में जाकर इन सभी लेखन कर्ता, सिद्ध लोगों के विषय में जानकारी हासिल करें और फिर सहपाठियों से चर्चा करें।
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पाठ के किन अंशों से समाज की यह सच्चाई उजागर होती है कि पुरुष के बिना स्त्री का कोई अस्तित्व नहीं है। क्या वर्तमान समय में स्त्रियों की इस सामाजिक स्थिति में कोई परिवर्तन आया है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
अपने परिवार से तातुश के घर तक के सफ़र में बेबी के सामने रिश्तों की कौन-सी सच्चाई उजागर होती है?
'आलो-आँधारि' इस पाठ से घरों में काम करने वालों के जीवन की जटिलताओं का पता चलता है। घरेलू नौकरों को और किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस पर विचार करिए।
आलो-आँधारि रचना बेबी की व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ कई सामाजिक मुद्दों को समेटे है। किंही दो मुख्य समस्याओं पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
तुम दूसरी आशापूर्णा देवी बन सकती हो - जेठू का यह कथन रचना संसार के किस सत्य को उद्घाटित करता है?
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'सबसे कोई पेशाब के लिए उसमें घुसता तो दूसरा उसमें घुसने के लिए बाहर खड़ा रहता। टट्टी के लिए बाहर जाना पड़ता था लेकिन वहाँ भी चैन से कोई टट्टी नहीं कर सकता था क्योंकि सुअर पीछे से आकर तंग करना शरू कर देते। लड़के-लड़कियाँ, बड़े-बूढ़े सभी हाथ में पानी की बोतल ले टट्टी के लिए बाहर जाते। अब वे कहाँ बोतल संभालें या सुअर भगाएँ! मुझे तो यह देख-सुनकर बहुत खराब लगता' - अनुवाद के नाम पर मात्र अंग्रेज़ी से होने वाले अनुवादों के बीच भारतीय भाषाओं में रची-बसी हिंदी का यह एक अनुकरणीय नमूना है - उपर्युक्त पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं।
