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‘पानी रे पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में आपको कौन-कौन सी बातें समान लगीं? उनके विषय में अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।

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Question

‘पानी रे पानी’ और ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में आपको कौन-कौन सी बातें समान लगीं? उनके विषय में अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कीजिए।

Very Long Answer
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Solution

दोनों लेखों में मुझे निम्नलिखित बातें समान लगीं:

  1. दोनों लेखों के लेखक अनुपम मिश्र हैं, इसलिए दोनों की भाषा और सोच में मेल है।
  2. दोनों का मुख्य विषय एक ही है; पानी और उसका संरक्षण (बचाव)। दोनों में यह बात कही गई है कि जल ही जीवन है, इसलिए इसे बचाना जरूरी है।
  3. दोनों में वर्षा के पानी को जमा करने का महत्व बताया गया है। ‘पानी रे पानी’ में धरती को एक बड़ी गुल्लक बताकर कहा गया है कि तालाबों और झीलों में वर्षा का पानी भरना चाहिए। ‘पाल के किनारे रखा इतिहास’ में तालाब बनाने की पुरानी परंपरा का वर्णन है।
  4. दोनों में तालाबों का महत्व बताया गया है। तालाबों का पानी धीरे-धीरे रिसकर, छनकर भूजल भंडार में जाता है और पूरे साल काम आता है।
  5. दोनों में यह संदेश है कि जलस्रोतों की रखवाली करनी चाहिए। तालाबों को पाटकर बस्तियाँ बसाने की गलती से गर्मी में अकाल और बरसात में बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।
  6. दोनों में समाज की भूमिका दिखाई गई है। तालाब बनाने वाले लोग कृतज्ञ समाज द्वारा अमर बनाए जाते थे। इससे सीख मिलती है कि पानी सबका साझा संसाधन है, इसलिए सबको मिलकर इसकी रक्षा करनी चाहिए।
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Chapter 4: पानी रे पानी - पाठ से आगे [Page 54]

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NCERT Hindi Malhar Class 7
Chapter 4 पानी रे पानी
पाठ से आगे | Q 1. | Page 54
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