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Question
"निर्माणों के पावन युग में" काव्य का रचना बोध लिखिए ।
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Solution
इस कविता में, लेखक ने नए शोध, संस्कृति की प्रतिष्ठा, और विश्व के कल्याण के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया है। उनके अनुसार, मनुष्य के चरित्र का विकास ही विज्ञान, शिक्षा और नवीन आविष्कारों की महत्वपूर्णता का आधार है।
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कृति पूर्ण कीजिए:

निम्न शब्दों के अर्थ शब्दकोश की सहायता से ढूँढ़िए तथा उचित शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:
आर्यभट्ट ने शून्य की ______ की।
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प्रगति के लिए आपसी ______ आवश्यक है।
निम्न शब्दों के अर्थ शब्दकोश की सहायता से ढूँढ़िए तथा उचित शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:
कार्यक्रम को शुरू करने के लिए अध्यक्ष महोदय की ______ चाहिए।
निम्न शब्दों के अर्थ शब्दकोश की सहायता से ढूँढ़िए तथा उचित शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:
काले बादलों को देखकर बारिश की ______ है।
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सड़क-योजना में सैकड़ों मजदूरों को ______ मिला।
