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Question
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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सोहत है चँदवा सिर मोर को, तैसिय सुंदर पाग कसी है। सेस, गनेस, महेस, दिनेस, सुरेसहु जाहि निरंतर गावैं। |
- निम्नलिखित विधानों को पढक़र सही अथवा गलत लिखिए: 2
- कृष्ण के सिर पर स्वर्णमुकुट है।
- कृष्ण के हाथ पर वनमाला शोभायमान है।
- कवि रसखान की आँखों में कृष्ण की मूर्ति बसी है।
- नारद मुनि से लेकर शुक व्यास तक सभी प्रभु के नाम का निरंत जाप करते हैं।
- उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम दो पंक्तियों का 25 से 30 शब्दों में सरल अर्थ लिखिए। 2
Comprehension
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Solution
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- गलत
- गलत
- सही
- सही
- कवि कहते हैं कि श्री कृष्ण के सिर पर मोरपंखों से बना चँदवा (मुकुट) अत्यंत सुशोभित हो रहा है और वैसी ही सुंदर पगड़ी उनके सिर पर बंधी है। उनके माथे पर गोधूलि (गायों की धूल) वैसे ही शोभा दे रही है, जैसे हृदय पर वनमाला सुशोभित है।
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2025-2026 (March) Board Question Paper
