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Question
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए:
उषा कविता के प्रस्तुत काव्यांश का भाव-सौंदर्य बताइए- “बहुत काली सिल ज़रासे लाल केसर से कि जैसे धुल गई हो।”
Short Answer
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Solution
कवि कहता है कि जिस प्रकार ज्यादा काली सिर अर्थात् पत्थर पर थोड़ा-सा केसर डाल देने से वह धुल जाती है अर्थात् उसका कालापन खत्म हो जाता है, ठीक उसी प्रकार काली सिर को किरण रूपी केसर धो देता है अर्थात् सूर्योदय होते ही हर वस्तु चमकने लगती है।
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