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Question
निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
| डीएनए की टेम्प्लेट रज्जुक से आनुवंशिक सूचना का आरएनए में प्रतिलिपिकरण करने के प्रक्रम (प्रक्रिया) को अनुलेखन कहते हैं। यह आरएनए पॉलिमरेज़ के माध्यम से संपन्न होती है। सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में अनुलेखन केन्द्रक में संपन्न होता है। अनुलेखन प्रक्रिया में, डीएनए का केवल एक ही भाग (अंश) तथा केवल एक ही रज्जुक अनुलेखन करता है तथा केवल एक ही रज्जुक का आरएनए में प्रतिलिपिकरण होता है। |
(क) क्या कारण हैकि, डीएनए रज्जुक की 3' → 5' ध्रुवत्व वाली रज्जुक ही अनुलेखित होती है और 5' → 3' ध्रुवत्व वाली दूसरी रज्जुक से अनुलेखन नहीं होता? 1
(ख) (i) समबंधन (स्प्लाइसिंग) के लिए एचएनआरएनए (hnRNA) की आवश्यकता क्यों होती है? 1
अथवा
(ख) (ii) उन दो अतिरिक्त प्रक्रियाओं का उल्लेख कीजिए जिनसे एचएनआरएनए (hnRNA) को संबंधन के उपरांत सक्रिय होने के लिए गुजरना पड़ता है। 1
(ग) डीएनए के एक ही रज्जुक का अनुलेखन क्या होता है? कोई दो कारण दीजिए। 2
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Solution
(क) डीएनए की 3′ → 5′ ध्रुवत्व वाली रज्जुक ही अनुलेखित होती है क्योंकि आरएनए पॉलिमरेज़ नया आरएनए केवल 5′ → 3′ दिशा में ही संश्लेषित कर सकता है। इसलिए उसे टेम्पलेट रज्जुक 3′ → 5′ दिशा में चाहिए, ताकि पूरक आरएनए सही दिशा में बन सके। 5′ → 3′ रज्जुक इस हेतु उपयुक्त नहीं होती।
(ख) (i) एचएनआरएनए स्प्लाइसिंग के लिए आवश्यक होता है क्योंकि इसमें इंट्रॉन तथा एक्सॉन दोनों होते हैं। स्प्लाइसिंग के दौरान इंट्रॉन हटाए जाते हैं और एक्सॉन जुड़कर परिपक्व एमआरएनए बनाते हैं।
अथवा
(ख) (ii) स्प्लाइसिंग के बाद एचएनआरएनए को सक्रिय (परिपक्व एमआरएनए) बनने के लिए दो अतिरिक्त प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है:
- 5′ कैपिंग
- 3′ पॉलीएडेनिलेशन
(ग) डीएनए के एक ही रज्जुक का अनुलेखन होने के कारण:
- दोनों रज्जुकों से एक साथ अनुलेखन होने पर पूरक आरएनए बनेंगे, जो आपस में द्वि-रज्जुक बनाकर अनुवादन में बाधा डालेंगे।
- विशिष्ट जीन अभिव्यक्ति बनाए रखने के लिए केवल एक ही रज्जुक का उपयोग आवश्यक है, जिससे सही प्रोटीन का निर्माण हो सके।
