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निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-यह तन जारौं छार कै, कहौं कि पवन उड़ाउ।मकु तेहि मारग होई परौं, कंत धरैं जहँ पाउ।।

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Question

निम्नलिखित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
यह तन जारौं छार कै, कहौं कि पवन उड़ाउ।
मकु तेहि मारग होई परौं, कंत धरैं जहँ पाउ॥

Short/Brief Note
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Solution

नागमती अपने मन के दुख को व्यक्त करते हुए कहती है कि मैं स्वयं के तन को विरहग्नि में जलाकर भस्म कर देना चाहती हूँ। इस तरह मेरा शरीर राख का रूप धारण कर लेगा और पवन मेरे शरीर को उड़ाकर मेरे प्रियतम के रास्ते में बिखेर देगी। इस प्रकार मार्ग में चलते हुए अपने पति का में राख रूप में स्पर्श पा जाऊँगी।

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बारहमासा
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Chapter 1.07: मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा) - प्रश्न-अभ्यास [Page 52]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 1.07 मलिक मुहम्मद जायसी (बरहमासा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (घ) | Page 52

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