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Question
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
सांसारिक समझौते से ज्यादा विनाशक कोई चीज नहीं।
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Solution
आशय - समझौता करने वाले व्यक्ति को अपने सिद्धान्तों की कुर्बानी देनी पड़ती है। जो व्यक्ति सिद्धान्तवादी है वह किसी अनुचित बात पर समझौता नहीं कर सकता। उसकी अच्छी और महत्त्वपूर्ण बातों के मार्ग में उसके अपने और पराये सभी बाधा उपस्थित करते हैं। उसे बहुत संघर्ष करना पड़ता है। लेखक का विचार है कि समझौता करना बुरा है, सिद्धान्त पर अडिग रहना ही उचित है।
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