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Question
निम्नलिखित पद से आप क्या समझते हैं?
हाइड्रोजनीकरण
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Solution
असंतृप्त कार्बनिक यौगिक हाइड्रोजन से सीधे संयोग करके संतृप्त यौगिक बनाते हैं, यह अभिक्रिया हाइड्रोजनीकरण कहलाती है। यह अभिक्रिया उत्प्रेरक की उपस्थिति में होती है तथा इन अभिक्रियाओं से अनेक महत्त्वपूर्ण औद्योगिक हाइड्रोजनीकृत उत्पाद प्राप्त होते हैं।
वनस्पति तेलों का हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation of Vegetable Oils) - 473 K पर निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेलों; जैसे- मूंगफली के तेल, बिनौले के तेल में हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर तेल ठोस वसाओं, जिन्हें वनस्पति घी कहा जाता है, में परिवर्तित हो जाते हैं। वास्तव में तेल
बंध की उपस्थिति के कारण असंतृप्त होते हैं। हाइड्रोजनीकरण पर ये बंध
बंध में परिवर्तित हो जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप असंतृप्त तेल संतृप्त वसा में परिवर्तित हो जाते हैं।
\[\ce{\text{वनस्पति तेल} + H2 ->[473K/H2] \text{वनस्पति घी}}\]
ओलिफिन का हाइड्रोफॉर्मिलीकरण (Hydroformylation of Olefins) - ओलिफिन का हाइड्रोफॉर्मिलीकरण कराने पर ऐल्डिहाइड प्राप्त होता है, जो ऐल्कोहॉल में अपचयित हो जाता है।
\[\ce{RCH = CH2 + CO + H2 -> RCH2CH2CHO}\]
\[\ce{RCH2CH2CHO + H2 -> RCH2CH2CH2OH}\]
उपर्युक्त के अतिरिक्त कोयले का हाइड्रोजनीकरण करने पर द्रव हाइड्रोकार्बनों का मिश्रण प्राप्त होता है। जिसे आसुत करने पर कृत्रिम पेट्रोल प्राप्त होता है।
