Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित में विभेद करो |
र्ट्रेकीड तथा वाहिका
Advertisements
Solution
|
क्र. सं. |
वाहिनिकाएँ |
वाहिकाएं |
|
1. |
ये लम्बी, लिग्निन युक्त, अपेक्षाकृत सँकरी कोशिकाएँ होती हैं। दोनों सिरों पर सँकरी तथा नुकीली होती हैं। |
ये लम्बी, लिग्निन युक्त, अपेक्षाकृत चौड़ी कोशिकाएँ होती हैं। कोशिकाओं के चौड़े सिरे पूर्णतः या आंशिक रूप से जुड़े होने से ये नलिकाकार रचना बनाती हैं। |
|
2. |
ये कोशिकाएँ सिरों से सिरों पर अन्य वाहिनिकाओं के साथ चिपकी रहती हैं। |
अनेक कोशिकाएँ सिरों पर जुड़कर एक सतत संरचना का निर्माण कर, लेती हैं। कोशिकाएँ अलग-अलग नहीं की जा सकती हैं। |
|
3. |
दो वाहिनिकाओं के संधि तल पर गर्तमय भित्तियाँ होती हैं। गर्गों से ही जल इत्यादि का संवहन होता है। |
वाहिकाओं के मध्य अनुप्रस्थ भित्तियाँ नहीं होती हैं। अतः संवहन एक सिरे से दूसरे सिरे तक बिना किसी अवरोध के होता है। |
|
4. |
संघ ट्रेकियोफाइटा के सभी सदस्यों में पाई जाती हैं। |
ये केवल आवृतबीजी पौधों में पाई जाती हैं। |
RELATED QUESTIONS
नारियल का रेशा किस ऊतक का बना होता है?
कोशिका भित्ति के आधार पर पैरेन्काइमा, कॉलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा के बीच भेद स्पष्ट करें।
उस ऊतक का नाम बताइए जो पौधों में भोजन का संवहन करता है।
अस्थि आधात्री में किसकी अधिक मात्रा होती है -
फ्लोएम में पाए जाने वाले निर्जीव पदार्थ हैं -
स्थलीय पर्यावरण में पादपों की उत्तरजीविता उनमें निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति के कारण संभव होती है?
स्तंभ A के वाक्यांशों का मिलान स्तंभ B के साथ कीजिए -
| (A) | (B) | ||
| (a) | मृदूतक | (i) | पतली भित्तियुक्त, पैकिंग करने वाली कोशिकाएँ |
| (b) | प्रकाशसंश्लेषण | (ii) | कार्बन स्थिरीकरण |
| (c) | वायूतक | (iii) | स्थानीकृत मोटाई |
| (d) | स्थूल कोणोतक | (iv) | उत्प्लावकता |
| (e) | स्थायी ऊतक | (v) | दृढ़ोतक |
निम्नलिखित के बारे में कारण बताइए -
जब हम नाशपाती फल को चबाते हैं तो हमें एक दानेदार एवं कुरकुरे का-सा अहसास होता है।
जाइलम एवं फ्लोएम को जटिल ऊतक क्यों कहा जाता है? यह एक दूसरे से भिन्न किस तरह से हैं?
पादपों के कोई दो सरल एवं दो जटिल स्थायी ऊतकों के नाम लिखिए।
