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निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है? - Science (विज्ञान)

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Question

निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?

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MCQ
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Solution

स्पष्टीकरण - 

तांबे के इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन की प्रक्रिया में, अशुद्ध तांबे की धातु को एनोड बनाकर बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। शुद्ध तांबे की धातु की एक पतली पट्टी को कैथोड बनाकर बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। धातु लवण (CuSO4) के विलयन का उपयोग वैद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है। विद्युत अपघट्य में धारा प्रवाहित  करने पर एनोड की शुद्ध धातु Cu2+ के रूप में विद्युत अपघट्य में घुल जाती है। वैद्युत अपघट्य से शुद्ध धातु की समतुल्य मात्रा कैथोड पर निक्षेपित होती है। घुलनशील अशुद्धियाँ विलयन में चली जाती हैं, जबकि अघुलनशील अशुद्धियाँ एनोड के तल पर बैठ जाती हैं और एनोड मड के रूप में जानी जाती हैं।

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धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
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Chapter 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [Page 24]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Science [Hindi] Class 10
Chapter 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 36. | Page 24

RELATED QUESTIONS

कारण बताइएः

सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है।


एक विदयुत-अपघटनी सेल बनता है ______ 

  1. धनावेशित कैथोड से
  2. ऋणावेशित ऐनोड से
  3. धनावेशित ऐनोड से
  4. ऋणावेशित कैथोड से

तीन तत्व X, Y तथा Z के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास हैं -

X – 2, 8; Y - 2, 8, 7 तथा 2 – 2, 8, 2 निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?


इकबाल ने चमकीले द्विसंयोजी तत्व M की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड से की उसने अभिक्रिया मिश्रण में बुलबुलों को बनते देखा। जब इसी तत्व की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से की तो उसे समान प्रेक्षण प्राप्त हुए सुझाव दीजिए कि वह बनी हुई गैस की पहचान कैसे करेगा? दोनों अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए। 


ऊष्मा के दो उत्तम चालकों और दो दुर्बल चालकों के उदाहरण दीजिए।


एक क्षार धातु A जल से अभिक्रिया कर एक यौगिक B (अणुभार = 40) देता है। यौगिक B ऐलुमिनियम ऑक्साइड से उपचार पर एक घुलनशील यौगिक C देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ भी दीजिए।


CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से  अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।


एक अधातु A जो वायु का सबसे बड़ा अवयव है, उत्प्रेरक (Fe) की उपस्थिति में हाइड्रोजन के साथ 1 : 3 अनुपात में गरम किए जाने पर एक गैस B देता है। O, के साथ अभिक्रिया पर यह एक ऑक्साइड C देता है। यदि इस ऑक्साइड को वायु की उपस्थिति में जल में प्रवाहित करते हैं तो यह एक अम्ल D देता है जो कि एक प्रबल ऑक्सीकारक की भाँति व्यवहार करता है।

  1. A, B, C तथा D को पहचानिए।
  2. यह अधातु आवर्त सारणी के किस समूह से संबंधित है?

निम्नलिखित को समझाइए-

  1. AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
  2. Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
  3. NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
  4. आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
  5. धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।

दो उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण दीजिए।


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