Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?
Options
Advertisements
Solution

स्पष्टीकरण -
तांबे के इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन की प्रक्रिया में, अशुद्ध तांबे की धातु को एनोड बनाकर बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। शुद्ध तांबे की धातु की एक पतली पट्टी को कैथोड बनाकर बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। धातु लवण (CuSO4) के विलयन का उपयोग वैद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है। विद्युत अपघट्य में धारा प्रवाहित करने पर एनोड की शुद्ध धातु Cu2+ के रूप में विद्युत अपघट्य में घुल जाती है। वैद्युत अपघट्य से शुद्ध धातु की समतुल्य मात्रा कैथोड पर निक्षेपित होती है। घुलनशील अशुद्धियाँ विलयन में चली जाती हैं, जबकि अघुलनशील अशुद्धियाँ एनोड के तल पर बैठ जाती हैं और एनोड मड के रूप में जानी जाती हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं?
निम्नलिखित चार धातुओं में से कौन-सी उसके लवण के विलयन से अन्य तीन धातुओं द्वारा विस्थापित की जा सकती है?
तीन चिन्हित परखनलियों A, B तथा C में क्रमशः सांद्र HCl, सांद्र HNO3 तथा सांद्र HCl एवं सांद्र HNO3 का 3 : 1 में मिश्रण (प्रत्येक के 2 mL) लिए गये। प्रत्येक परखनली में धातु का एक छोटा टुकड़ा डाला गया। परखनली A तथा B में कोई परिवर्तन नहीं हुआ परंतु परखनली C में धातु घुल गई। धातु हो सकती है -
एक मिश्रातु है ______
मैग्नीशियम धातु के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
निम्नलिखित में से कौन-सी मिश्रातु में मर्करी उसके एक अवयव के रूप में होता है?
स्थायी द्विअंगी यौगिकों के सूत्र दीजिए जो कि निम्नलिखित तत्वों के युग्मों के संयोजन से बनेंगे।
- Mg तथा N2
- Li तथा O2
- Al तथा Cl2
- K तथा O2
एक अधातु A हमारे भोजन का प्रमुख अवयव है। B व C दो ऑक्साइड बनाता है। ऑक्साइड B विषैला है जबकि C भू-मंडलीय तापन करता है।
- A, B तथा C को पहचानिए।
- आवर्त सारणी के किस समूह से A संबंधित है?
एक क्षार धातु A जल से अभिक्रिया कर एक यौगिक B (अणुभार = 40) देता है। यौगिक B ऐलुमिनियम ऑक्साइड से उपचार पर एक घुलनशील यौगिक C देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ भी दीजिए।
निम्नलिखित को समझाइए-
- AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
- Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
- NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
- आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
- धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।



