Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?
विकल्प
Advertisements
उत्तर

स्पष्टीकरण -
तांबे के इलेक्ट्रोलाइटिक शोधन की प्रक्रिया में, अशुद्ध तांबे की धातु को एनोड बनाकर बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। शुद्ध तांबे की धातु की एक पतली पट्टी को कैथोड बनाकर बैटरी के ऋणात्मक टर्मिनल से जोड़ा जाता है। धातु लवण (CuSO4) के विलयन का उपयोग वैद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है। विद्युत अपघट्य में धारा प्रवाहित करने पर एनोड की शुद्ध धातु Cu2+ के रूप में विद्युत अपघट्य में घुल जाती है। वैद्युत अपघट्य से शुद्ध धातु की समतुल्य मात्रा कैथोड पर निक्षेपित होती है। घुलनशील अशुद्धियाँ विलयन में चली जाती हैं, जबकि अघुलनशील अशुद्धियाँ एनोड के तल पर बैठ जाती हैं और एनोड मड के रूप में जानी जाती हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कारण बताइएः
सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएँ गलित अवस्था में उनको क्लोराइडों के विदयुत अपघटन से प्राप्त होती है?
- Na
- Ca
- Fe
- Cu
एक विदयुत-अपघटनी सेल बनता है ______
- धनावेशित कैथोड से
- ऋणावेशित ऐनोड से
- धनावेशित ऐनोड से
- ऋणावेशित कैथोड से
मैग्नीशियम धातु के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
निम्नलिखित में से कौन-सी रासायनिक अभिक्रिया संपन्न होगी?
इकबाल ने चमकीले द्विसंयोजी तत्व M की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड से की उसने अभिक्रिया मिश्रण में बुलबुलों को बनते देखा। जब इसी तत्व की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से की तो उसे समान प्रेक्षण प्राप्त हुए सुझाव दीजिए कि वह बनी हुई गैस की पहचान कैसे करेगा? दोनों अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए।
धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण का उपयोग शुद्ध धातुओं को प्राप्त करने में किया जाता है।
(अ) इस प्रक्रम द्वारा सिल्वर धातु को शुद्ध अवस्था में प्राप्त करने के लिए कौन-से पदार्थ के कैथोड व ऐनोड काम में लिए जाते हैं।
(ब) एक उपयुक्त विद्युत अपघट्य का भी सुझाव दीजिए।
(स) इस विद्युत अपघटनी सेल में विद्युतधारा प्रवाहित करने के उपरांत हमें शुद्ध सिल्वर कहाँ प्राप्त होगा?
स्थायी द्विअंगी यौगिकों के सूत्र दीजिए जो कि निम्नलिखित तत्वों के युग्मों के संयोजन से बनेंगे।
- Mg तथा N2
- Li तथा O2
- Al तथा Cl2
- K तथा O2
एक तत्व A जल से अभिक्रिया पर यौगिक B बनाता है जिसका उपयोग सफेदी करने में होता है। यौगिक B गरम करने पर एक ऑक्साइड C देता है जो जल से अभिक्रिया पर पुनः B देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ दीजिए।
एक धातु M अम्लों से क्रिया पर हाइड्रोजन मुक्त नहीं करता है परंतु ऑक्सीजन से क्रिया पर एक काले रंग का यौगिक देता है। M तथा काले रंग के उत्पाद को पहचानिए M की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया को भी समझाइए।



